{"_id":"659e9e71a16a41261e0b2c29","slug":"sawai-madhopur-ransom-of-rs-20-crore-demanded-from-mahant-in-the-name-of-lawrence-bishnoi-gang-2024-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sawai Madhopur: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर महंत से मांगी 20 करोड़ की फिरौती, मास्टरमाइंड समेत सात गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sawai Madhopur: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर महंत से मांगी 20 करोड़ की फिरौती, मास्टरमाइंड समेत सात गिरफ्तार
Wed, 10 Jan 2024 07:11 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 10 Jan 2024 07:11 PM IST
सार
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर महंत बालकानंद गिरि महाराज से 20 करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फिरौती मांगने व धमकी देने के मामले का मुख्य मास्टरमाइंड महंत का निजी सचिव है।
विज्ञापन
आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का झूठा गुर्गा बनकर 20 करोड़ रुपये की चौथ वसूली तथा पैसे नहीं देने पर महंत बालकानंद गिरी को जान से मारने की धमकी देने के सनसनीखेज मामले का बुधवार को सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन ने खुलासा किया है।
विज्ञापन
एसपी हर्षवर्धन के अनुसार, महाकाल मंदिर उज्जैन (मध्यप्रदेश) के थानापति महंत बालकानंद गिरी महाराज जो कि वर्तमान में खंडार के पादड़ी तोपखाना आश्रम पर निवास कर रहे हैं। उन्हें विगत दिनों कुछ बदमाशों द्वारा लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे बनकर धमकियां दी गई और 20 करोड़ रुपये फिरौती मांगी गई थी। फिरौती नहीं देने पर महंत को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
विज्ञापन
इस पर मामले की शिकायत पीड़ित महंत बालकानंद गिरी महाराज द्वारा खंडार थाना पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने अपनी विभिन्न टीमें गठित की और शीघ्र ही मामले का खुलासा कर दिया। इस दौरान अस्थाई रूप से अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी पुलिस द्वारा तैनात किए गए थे। पुलिस ने जब मामले का खुलासा किया तो आश्चर्य जनक पहलू सामने आए। महाराज का निजी सचिव ही घटना का सूत्रधार निकला। पुलिस ने निजी सचिव सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
तकनीकी एवं मानवीय पुलिसिंग से तफ्तीश किया, तब जाकर एक दर्जन से अधिक शहरों में दबिश देकर समूची कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस दौरान कोटा, आगरा, मुरैना, श्योपुर और दिल्ली आदि की भी खाक छानी। पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार राजपूत, महंत का सचिव रामलखन गुर्जर निवासी पादड़ी, नरेश लोहार निवासी श्योपुर, धरमू निवासी पादरी तोपखाना खंडार, प्रदीप सिकरवार निवासी मुरैना (मध्यप्रदेश), विजेंद्र निवासी गोवर्धनपुरा नांता कोटा तथा उमेश पाठक निवासी खंडार को गिरफ़्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, महंत से फिरौती मांगने के मामले में रामलखन गुर्जर ही मुख्य षड्यंत्र कर्ता के रूप में शामिल रहा है। यह निजी सचिव के रूप में महाराज के पास कार्य करता था। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन ने बताया कि आरोपियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर महंत से फिरौती मांगी गई थी। पीड़ित महंत द्वारा आरोपियों को 80 हजार रुपये की राशि भी उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई थी। पुलिस ने मामले से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में और भी आरोपियों के सामने आने की उम्मीद है। इसे देखते हुए गिरफ़्तार किए गए आरोपियों से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूछताछ में अभी तक गिरफ़्तार आरोपियों का लॉरेन्स बिश्नोई गैंग से कोई लिंक नहीं निकला है। फिर भी पुलिस आरोपियों से हर पहलू को लेकर पूछताछ कर रही है।