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Sawai Madhopur: कूनो से भटककर रणथंभौर पहुंचा KP 2, आसपास के गांवों में चीते की दहशत से घरों में कैद हुए लोग
Wed, 06 May 2026 08:30 AM IST
सवाई ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: सवाई ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 08:30 AM IST
सार
रणथंभौर से सटे गांवों में इन दिनों कुनो से आया चीता KP2 ग्रामीणों के लिए डर की वजह बना हुआ है। जंगल से निकलकर बार-बार आबादी क्षेत्र में पहुंच रहे चीते के कारण लोग खेतों, बगीचों और यहां तक कि बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं।
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रणथंभौर के गांव घूमने निकला KP 2
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इन दिनों रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में मप्र के कुनो नेशनल पार्क से भटककर आया चीता KP2 लगातार देखा जा रहा है। करीब 20 दिन पहले राजस्थान पहुंचे इस चीते का मूवमेंट रणथंभौर के जंगलों के साथ-साथ आसपास के आबादी क्षेत्रों में भी बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में डर और दहशत का माहौल है।
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जानकारी के अनुसार चीता KP2 कभी रणथंभौर के जोन नंबर 8, 9 और 10 में विचरण करता दिखाई दे रहा है तो कभी कैलाशपुरी, दुमोदा और मोजीपुरा जैसे गांवों के पास पहुंच जाता है। हाल के दिनों में उसका अधिकतर मूवमेंट कैलाशपुरी गांव के नजदीक अमरूद के बगीचों में देखा गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि चीते की मौजूदगी के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोग खेतों और बगीचों में जाने से डर रहे हैं। किसानों के अनुसार सिंचाई और फसलों की देखरेख का काम प्रभावित हो रहा है, वहीं महिलाओं और बच्चों में भी भय का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बच्चे स्कूल जाने से भी डर रहे हैं, क्योंकि जिस रास्ते से वे स्कूल जाते हैं, उसी क्षेत्र में चीते का मूवमेंट बना हुआ है।
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ग्रामीणों का यह भी दावा है कि चीते ने कुछ पालतू बकरियों का शिकार किया है। लगातार आबादी क्षेत्र में उसकी मौजूदगी के कारण लोगों ने वन विभाग से चीते को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में वन अधिकारियों और डीएफओ को शिकायत भी दी है लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
गौरतलब है कि KP2 नामक यह चीता मप्र के कूनो नेशनल पार्क से भटककर करीब 20 दिन पहले रणथंभौर पहुंचा था। सबसे पहले उसे पालीघाट रेंज के अजीतपुरा गांव के पास देखा गया था। इसके बाद उसका मूवमेंट रणथंभौर के विभिन्न जोनों और आसपास की कॉलोनियों व गांवों में लगातार बना हुआ है।
फिलहाल वन विभाग और कुनो की टीम लगातार चीते की मॉनिटरिंग कर रही है। हालांकि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आबादी क्षेत्र में बार-बार चीते की दस्तक से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।