Rajasthan: 'गद्दार' विवाद के बाद नमस्कार, तल्ख बयान के पांच दिन बाद साथ आए गहलोत-पायलट, क्या अब थमेगा घमासान?
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस में कोई फूट नहीं है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों नेता साथ मिलकर राहुल गांधी की यात्रा को एतिहासिक बनाएंगे और चुनाव की तैयारियां भी करेंगे।
विस्तार
भारत जोड़ो यात्रा की कमेटी की बैठक लेने जयपुर आए संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल राजस्थान कांग्रेस को बड़ी राहत दी है। उन्होंने अशोक गहलोत और सचिन पालयट को साथ लाकर यह दिखाने का प्रयास कि पार्टी एकजुट है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर मीडिया से बात करते समय वेणुगोपाल ने एकजुटता दिखाने के लिए गहलोत और पायलट के हाथ भी उठा दिए। इस दौरान तीनों नेताओं के चहरे पर किसी तरह का तनाव भी नजर नहीं आया। इससे माना जा रहा है कि फिलहाल के लिए सीएम पद को लेकर मचा घमासान थम गया है।
दरअसल, मंगलवार दोपहर को संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल जयपुर पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा को लेकर बनाई गई कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की। इस बैठक में सीएम गहलोत, सचिन पायलट सहित कांग्रेस के करीब 35 बड़े नेता शामिल हुए। गद्दार वाले बयान के बाद बैठक में पहली बार गहलोत और पायलट की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर एक दूसरे को नमस्कार किया। इस बैठक में भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियों के बारे में वेणुगोपाल ने जानकारी ली। इसके अलावा यात्रा से जुड़ी अन्य चीजों को लेकर चर्चा की गई।
बैठक के बाद महासचिव केसी वेणुगोपाल गहलोत-पायलट को साथ लेकर बाहर आए। उन्होंने पार्टी में सबकुछ ठीक होने का संदेश देते हुए कहा- दिस इज राजस्थान (यह राजस्थान है)। वेणुगोपाल के सामने ही गहलोत और पायलट ने एक साथ मीडिया से बात की। सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान में सब एकजुट हैं। गहलोत और पायलट असेट्स (बहुमूल्य) ही हैं। राजस्थान में सरकार रिपीट होगी। वहीं, सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा का राजस्थान में उत्साह और ऊर्जा के साथ स्वागत किया जाएगा। यह सभी वर्गों के लोगों की भागीदारी के साथ एक ऐतिहासिक यात्रा होगी। हम सब मिलकर पार्टी को मजबूत करेंगे, हमें कोई उकसा नहीं सकता है।
कांग्रेस में कोई फूट नहीं
केसी वेणुगोपाल ने राजस्थान में चल रही बयानबाजी पर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से रिपोर्ट मांगी है। वेणुगोपाल ने साफ कहा कि अब बयानबाजी करने वाले नेताओं के खिलाफ करवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कोई फूट नहीं है, दोनों नेता साथ मिलकर राहुल गांधी की यात्रा को एतिहासिक बनाएंगे और चुनाव की तैयारियां भी करेंगे।
बैठक से पहले यह बोले थे सीएम
अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच छिड़ी जुबानी जंग के बीच सोमवार को राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया था। इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कहा था कि गहलोत और पायलट दोनों ही पार्टी के लिए बहुमूल्य (असेट्स) हैं। मंगलवार को बैठक से पहले गहलोत ने इस बयान पर कहा कि अगर, राहुल गांधी ने कहा है कि दोनों (सचिन पायलट और मैं) पार्टी के लिए बहुमूल्य (असेट्स) हैं, तो हम बहुमूल्य हैं। कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता बहुमूल्य है। हम सब मिलकर भारत जोड़ो यात्रा को सफल बनाएंगे और 2023 विधानसभा चुनाव भी जीतेंगे, क्योंकि लोग हमारा समर्थन कर रहे हैं।
क्या थमेगा सीएम पर का विवाद?
केसी वेणुगोपाल के साथ सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों नेताओं ने बैठक की। इसके बाद दोनों नेताओ साथ में मीडिया के सामने आए और एकजुटता दिखाने वाली बातें कहीं। हालांकि, यह कहना अभी सही नहीं होगा कि सीएम पद को लेकर गहलोत-पायलट के बीच चल रहा खत्म हो गया है। उधर, गुर्जर समाज भी खुलकर पायलट को सीएम बनाने की मांग कर चुका है। ऐसा नहीं होने पर उसने भारत जोड़ो यात्रा का विरोध करने की चेतावनी भी दी है। सोमवार को कांग्रेस और गुर्जर समाज के नेताओं के बीच हुई बैठक में बात नहीं बन पाई थी। राजनीति के जानकारों का यह भी कहना है कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद यह विवाद फिर सामने आ सकता है।
क्या कहा था गहलोत ने?
24 नवंबर को सीएम अशोक गहलोत ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू में पायलट के खिलाफ कई गंभीर बातें कहीं थीं। गहलोत ने कहा कि पायलट ने गद्दारी की है, वह मुख्यमंत्री नहीं बनाए जा सकते। उन्हें तो दस विधायकों तक का समर्थन भी नहीं है। उन्हें कोई स्वीकार नहीं करेगा। पायलट की गद्दारी को मैंने और हमारे विधायकों ने भुगता है। हमें 34 दिन होटलों में रहना पड़ा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान भी इसमें शामिल थे।
पायलट ने किया था पलटवार
गहलोत के बयान का सचिन पायलट ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि इस तरह के अनुभवी व्यक्ति को ऐसे शब्द शोभा नहीं देते। गहलोत मुझे निकम्मा, नाकारा, गद्दार और न जाने क्या-क्या कह रहे हैं, लेकिन ऐसी भाषा बोलना मेरी परवरिश का हिस्सा नहीं रही। मेरा बार-बार नाम लेने, कीचड़ उछालने और आरोप-प्रत्यारोप करने से कोई फायदा नहीं होने वाला। कोई नेता इतना अनुभव रखता हो, वरिष्ठ हो और जिसे पार्टी ने इतना कुछ दिया हो, उसके लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता। इस तरह के झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने की उनसे उम्मीद नहीं थी।