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राजस्थान के डीजीपी ने हरियाणा के डीजीपी और दिल्ली पुलिस कमीश्नर से मांगी मदद, कहा- टेप की जांच में करें सहयोग
Tue, 21 Jul 2020 12:10 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 21 Jul 2020 12:10 PM IST
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राजस्थान के डीजीपी कपिल गर्ग
- फोटो : एएनआई
राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच टेप कांड ने मामले को और गरमा दिया है। वहीं, टेप कांड का मामला अब राजस्थान से खिसककर दिल्ली और हरियाणा पहुंच गया है। दरअसल, राजस्थान के डीजीपी भूपेंद्र यादव ने हरियाणा के डीजीपी और दिल्ली के पुलिस कमीश्नर को चिट्ठी लिखकर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को मामले की जांच में सहयोग करने की अपील की है।
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Rajasthan DGP Bhupendra Yadav writes to DGP of Haryana and the Commissioner of Delhi Police, seeking cooperation in Special Operation Group's (SOG) probe in a case related to alleged attempts to destabilize the state government.
— ANI (@ANI) July 21, 2020विज्ञापन
बता दें कि, सचिन पायलट ग्रुप के 18 बागी विधायक हरियाणा में नूंह जिले के एक होटल में रुके हुए हैं। इनमें से कुछ विधायकों और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर राजस्थान सरकार को गिराने का आरोप लगाया गया है।
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नूंह जिले के हसनपुर-पाड़ा गांव की जमीन में बने बेस्ट वेस्टर्न रिसॉर्ट कंट्री क्लब में राजस्थान कांग्रेस के बागी विधायक रविवार को फिर वापस लौट आए। विधायकों के लौटने के खबर मिलते ही एसओजी पुलिस भी कंट्री क्लब पहुंच गई। पुलिस करीब 15 मिनट तक कंट्री क्लब के बाहर रुकी रही और फिर लौट गई।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने ऑडियो क्लिप की जांच की मांग की
इससे पहले, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने नोटिस भेजा। वहीं, नोटिस को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच होनी चाहिए, पता लगना चाहिए कि इसे किसके कहने पर रिकॉर्ड किया गया और किसने किया।
शेखावत ने कहा था कि एसओजी ने मेरे निजी सचिव के माध्यम से एक नोटिस भेजा है। नोटिस में उन्होंने मुझे अपना बयान और आवाज का नमूना रिकॉर्ड करने को कहा है। लेकिन, मैं चाहता हूं कि इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा था कि यह बात सामने आनी चाहिए कि किसके कहने पर इस ऑडियो को रिकॉर्ड किया गया और किसने इसे रिकॉर्ड किया। पहले उन्हें (राज्य सरकार) प्रामाणिकता के साथ सामने आना चाहिए। मैंने पहले ही कहा है कि मेरे दरवाजे किसी भी तरह की जांच के लिए हमेशा खुले हैं।