फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Politics: sachin Pilot will protest against Cm Gehlot on april 11 in Jaipur, Randhawa said- Pilot is in hurry

Politics: गहलोत के खिलाफ पायलट का अनशन कल, प्रभारी रंधावा बोले-पायलट ने की जल्दबाजी, सीएम से मांगे दोनों लैटर

Mon, 10 Apr 2023 11:43 AM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: नीरज शर्मा Updated Mon, 10 Apr 2023 11:43 AM IST
सार

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के अपनी ही कांग्रेस पार्टी की गहलोत सरकार के खिलाफ 11 अप्रैल को जयपुर में अनशन की घोषणा से कांग्रेस हाईकमान एक्शन में आ गया है। प्रभारी रंधावा ने पायलट की घोषणा को जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया है।

विज्ञापन
Politics: sachin Pilot will protest against Cm Gehlot on april 11 in Jaipur, Randhawa said- Pilot is in hurry
पायलट 11 अप्रैल को जयपुर में करेंगे गहलोत के खिलाफ अनशन, प्रभारी रंधावा बोले-जल्दबाजी में लिया फैसला - फोटो : फाइल फोटो।

विस्तार

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने एक बार फिर बगावती तेवर दिखाते हुए गहलोत सरकार और कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पायलट अपनी ही पार्टी की गहलोत सरकार के खिलाफ 11 अप्रैल को जयपुर के शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन करने जा रहे हैं। तो तमाम विपक्षी पार्टियों को भी कांग्रेस सरकार को घेरने का बड़ा मौका देगा। पायलट के बगावती तेवर देखते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा मामले का हल निकालने एक-दो दिन में जयपुर आ सकते हैं। रंधावा ने कहा कि सचिन पायलट ने उनसे कभी भी पिछली बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार-घोटालों की जांच के बारे में बात तक नहीं की। उनका अचानक लिया गया अनशन का फैसला जल्दबाजी है। करप्शन के खिलाफ गहलोत सरकार में बिल्कुल भी काम नहीं हने की बात करना भी पायलट का गलत रुख है।

विज्ञापन


गहलोत से पायलट के लिखे दोनों लैटर मांगे

पायलट की ओर से सीएम गहलोत को लिखे गए 28 मार्च 2022 और 2 नवंबर 2022 के दोनों लैटर भी प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गहलोत से देखने के लिए मांगे हैं। प्रभारी रंधावा ने फोन पर मीडिया से बातचीत में कहा कि पायलट ने कभी भी उनके सामने भाजपा के समय हुए करेक्शन के मुद्दों पर कार्रवाई की बात नहीं रखी। पायलट ने जो मुद्दे उठाए हैं,  उन पर मुझसे कभी कोई बात क्यों नहीं की, जबकि वह मुझसे कई बार मिले हैं।लेकिन हमारे बीच में अन्य बातें ही हुई हैं। रंधावा ने कहा- मैंने सीएम अशोक गहलोत से वह दोनों पत्र दिखाने के लिए बोला है, जो सचिन पायलट ने उन्हें भेजे थे और जिसकी जानकारी पायलट ने मीडिया के जरिए दी है। इसके अलावा भी कुछ और मुद्दे हैं, तो उस पर भी हम सीएम से बात करेंगे।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

  
जल्दबाजी में अनशन की घोषणा कर दी तो पायलट से क्या बात की जाए ?
 
प्रभारी रंधावा ने नाराज़गी जताते हुए कहा- सचिन पायलट को अनशन की घोषणा इतनी जल्दबाज़ी में नहीं करनी चाहिए थी। पहले वह पार्टी के समक्ष अपनी बात को रखते, फिर मुख्यमंत्री और आलाकमान के रिएक्शन का इंतजार करते। एक दिन में ही सब कुछ कर देना ठीक नहीं है। जब उन्होंने अनशन की घोषणा कर दी, तो फिर उनसे क्या बात की जाए ? क्या सचिन पायलट की पत्रकार वार्ता अनुशासनहीनता मानी जाएगी ? इस सवाल पर रंधावा ने कहा- मैं इस केस पर पूरी स्टडी करूंगा, फिर आगे क्या होता है देखा जाएगा। हालांकि राजनीति में हमेशा सुनने और बातचीत की गुंजाइश होती है। राजनीति में कभी कोई स्थाई दुश्मन या स्थाई दोस्त नहीं होता है। 

 
करप्शन के खिलाफ बिल्कुल भी काम नहीं होने की बात कहना पायलट का गलत रूख़- रंधावा
  
प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा बोले- करप्शन के खिलाफ बिल्कुल भी काम नहीं होने की बात कहना सचिन पायलट का गलत रुख है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ कार्यवाही चल रही है। सचिन पायलट अपनी बात को मीडिया के समक्ष रखते हुए कह सकते थे कि शेखावत मामले पर काम चल रहा है,लेकिन और भी मुद्दे हैं जिन पर मुख्यमंत्री को काम करना चाहिए। जैसे नए जिले बनाने, पेंशन बढ़ाने, 500 में गैस सिलेंडर देने, आम लोगों को 100 यूनिट बिजली फ्री देने, किसानों को 2000 यूनिट कृषि कनेक्शन पर प्रतिमाह बिजली फअरी देने जैसे गहलोत सरकार के अच्छे कामों का जिक्र करते हुए पायलट करप्शन का मुद्दा उठा सकते थे। वह हमें बता देते कि जनता में करप्शन का मुद्दा भी है, जिस पर अच्छी तरह से काम करने की जरूरत है।लेकिन पायलट का अनशन करने की घोषणा का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है।
 
गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री खाचरियावास भी पायलट के समर्थन में उतरे 
 
कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी कहा है कि सचिन पायलट की बात सुननी चाहिए। तमाम कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सड़कों पर उतर सकते हैं। राहुल गांधी भी अडानी और मोदी के बीच सांठगांठ की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। पायलट ने गलत नहीं कहा है। लेकिन गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का पायलट के पक्ष में बोलना भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है कि अंदरखाने खिचड़ी कहां पक रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed