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Kota News: कोटा में वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़, मॉनिटर लिजर्ड के प्राइवेट पार्ट समेत दो शिकारी गिरफ्तार
Sun, 29 Jun 2025 04:31 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jun 2025 04:31 PM IST
सार
राजस्थान के कोटा जिले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीव अंगों की तस्करी का भंडाफोड़ किया। बालिता गांव में छापेमारी के दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
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वन विभाग ने 2 शिकारियों को किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के कोटा जिले में वन विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए वन्यजीव अंगों की तस्करी का पर्दाफाश किया है। इस दौरान दो शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से मॉनिटर लिजर्ड (गोह) के प्राइवेट पार्ट, बारहसिंगा के सींग, दो जिंदा कछुए, लेपर्ड के नाखून और शिकार में उपयोग होने वाले 6 फंदे बरामद किए गए हैं।
वन विभाग के डीएफओ अनुराग भटनागर ने बताया कि कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के बालिता गांव में 100 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियों में वन्यजीव अंगों की तस्करी की सूचना मिलने के बाद टीमों को खरीदार बनाकर भेजा गया। सौदेबाजी के दौरान एक शिकारी ने मॉनिटर लिजर्ड मेल का प्राइवेट पार्ट 400 रुपए में बेचने की बात कही और 50 और खरीदने पर 45 हजार रुपए की मांग की। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिकारी को रंगे हाथ पकड़ा और इलाके में छापेमारी शुरू कर दी।
यह भी पढ़ें: पायलट राजवीर सिंह की मौत के 13वें दिन मां के भी प्राण निकले, परिवार में शोक की लहर
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कार्रवाई के दौरान 28 जोड़ी मॉनिटर लिजर्ड के प्राइवेट पार्ट बरामद हुए। साथ ही पास ही स्थित एक अन्य झोपड़ी से दो जिंदा कछुए और छह फंदे भी मिले। मौके से दीपक और जयराम नामक दो शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। डीएफओ भटनागर ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों के मोबाइल से अन्य तस्करों को कॉल करवाया गया, जिन्होंने सौदे के लिए 50 हजार रुपए की मांग की और केशोरायपाटन चौराहे पर बुलाया, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी वे नहीं पहुंचे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मॉनिटर लिजर्ड के प्राइवेट पार्ट को घर में रखने से धन-संपत्ति बढ़ने जैसी कोई सच्चाई नहीं है। यह मात्र एक भ्रांति है, जिसके चलते इन जीवों का बड़े पैमाने पर शिकार किया जा रहा है। वन विभाग अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
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वन विभाग के डीएफओ अनुराग भटनागर ने बताया कि कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के बालिता गांव में 100 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियों में वन्यजीव अंगों की तस्करी की सूचना मिलने के बाद टीमों को खरीदार बनाकर भेजा गया। सौदेबाजी के दौरान एक शिकारी ने मॉनिटर लिजर्ड मेल का प्राइवेट पार्ट 400 रुपए में बेचने की बात कही और 50 और खरीदने पर 45 हजार रुपए की मांग की। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिकारी को रंगे हाथ पकड़ा और इलाके में छापेमारी शुरू कर दी।
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कार्रवाई के दौरान 28 जोड़ी मॉनिटर लिजर्ड के प्राइवेट पार्ट बरामद हुए। साथ ही पास ही स्थित एक अन्य झोपड़ी से दो जिंदा कछुए और छह फंदे भी मिले। मौके से दीपक और जयराम नामक दो शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। डीएफओ भटनागर ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों के मोबाइल से अन्य तस्करों को कॉल करवाया गया, जिन्होंने सौदे के लिए 50 हजार रुपए की मांग की और केशोरायपाटन चौराहे पर बुलाया, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी वे नहीं पहुंचे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मॉनिटर लिजर्ड के प्राइवेट पार्ट को घर में रखने से धन-संपत्ति बढ़ने जैसी कोई सच्चाई नहीं है। यह मात्र एक भ्रांति है, जिसके चलते इन जीवों का बड़े पैमाने पर शिकार किया जा रहा है। वन विभाग अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।