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Kota News: बारिश से बिगड़े हालातों पर स्पीकर बिरला ने जाहिर की चिंता, प्रशासनिक अधिकारियों की ली बैठक
Fri, 18 Jul 2025 02:02 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jul 2025 02:02 PM IST
सार
भारी बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता देने, जलनिकासी व्यवस्था सुधारने, सीवर व नालों की सफाई तथा सड़क मरम्मत के आदेश दिए। बिरला ने प्रभावित क्षेत्रों का त्वरित सर्वे कर राहत राशि जारी करने पर भी जोर दिया।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ली प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोटा दौरे पर रहे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को दिल्ली रवाना होने से पहले रामगंज मंडी सहित कई इलाकों का दौरा कर जलभराव की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने कोटा में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक की, जिसमें जिला कलेक्टर शहर पुलिस अधीक्षक सहित अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कोटा जिले के निमोदा हरि जी के पास चंबल नदी में छह लोगों के बह जाने जैसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। वर्षाजनित दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थलों पर राहत एवं बचाव दलों को पूरी तैयारी के साथ तैनात किया जाए। इन दलों के पास नाव, प्रशिक्षित गोताखोर, रस्सी, टॉर्च सहित सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें। आपात स्थिति में आवश्यक होने पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो।
बिरला ने कहा कि भारी बारिश से जिन घरों में पानी भर गया है और जिन लोगों के पास कपड़े, बर्तन या खाने-पीने का सामान नहीं है, उनके लिए तुरंत आवश्यक व्यवस्था की जाए। मौसम विभाग द्वारा 18 जुलाई को जारी भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार, पटवारी और अन्य फील्ड अधिकारी प्रभावित इलाकों की वीडियोग्राफी करें और जलभराव के कारणों का विश्लेषण करें, ताकि भविष्य में इससे बचाव की ठोस योजना बनाई जा सके।
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उन्होंने नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए गए कि जहां आवश्यक हो वहां नए नालों का निर्माण हो, सीवर लाइन की सफाई हो और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द करवाई जाए। शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाली कॉलोनियों की वीडियोग्राफी कर निगरानी टीम बनाई जाए। नगर निगम के पास जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था हो। बिजली गुल होने की शिकायतों का त्वरित समाधान हो और बंद रोड लाइट्स को जल्द से जल्द चालू किया जाए।
बिना देरी के तैयार हो सर्वे रिपोर्ट
बिरला ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान का बिना देरी किए त्वरित सर्वे कर प्रभावितों को राहत राशि दिलाई जाए। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के प्रावधानों की जानकारी सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पटवारी और फील्ड स्टाफ को होनी चाहिए। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य भवनों में हुए नुकसान का भी सर्वे कर प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति में उसके कारणों की जांच होनी चाहिए।
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बिरला ने कहा कि भारी बारिश से जिन घरों में पानी भर गया है और जिन लोगों के पास कपड़े, बर्तन या खाने-पीने का सामान नहीं है, उनके लिए तुरंत आवश्यक व्यवस्था की जाए। मौसम विभाग द्वारा 18 जुलाई को जारी भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार, पटवारी और अन्य फील्ड अधिकारी प्रभावित इलाकों की वीडियोग्राफी करें और जलभराव के कारणों का विश्लेषण करें, ताकि भविष्य में इससे बचाव की ठोस योजना बनाई जा सके।
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उन्होंने नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए गए कि जहां आवश्यक हो वहां नए नालों का निर्माण हो, सीवर लाइन की सफाई हो और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द करवाई जाए। शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाली कॉलोनियों की वीडियोग्राफी कर निगरानी टीम बनाई जाए। नगर निगम के पास जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था हो। बिजली गुल होने की शिकायतों का त्वरित समाधान हो और बंद रोड लाइट्स को जल्द से जल्द चालू किया जाए।
बिना देरी के तैयार हो सर्वे रिपोर्ट
बिरला ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान का बिना देरी किए त्वरित सर्वे कर प्रभावितों को राहत राशि दिलाई जाए। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के प्रावधानों की जानकारी सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पटवारी और फील्ड स्टाफ को होनी चाहिए। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य भवनों में हुए नुकसान का भी सर्वे कर प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति में उसके कारणों की जांच होनी चाहिए।