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Politics: पायलट ने कहा- जब मैं PCC अध्यक्ष था तब भी संघर्ष किया, आज भी कर रहा हूं, मिल सकती है 2023 की बागडोर
Mon, 10 Oct 2022 06:52 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 10 Oct 2022 06:52 PM IST
सार
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सोमवार को हाड़ौती दौरे पर रहे। दोपहर में पायलट कोटा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ। पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के साथ ही 'पायलट आई लव यू' के नारे भी लगे।
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पायलट हाड़ौती दौरे पर रहे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोटा पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री और पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट के स्वागत से लेकर उनकी अगुवाई में पायलट समर्थकों ने अपनी जान लगा दी। पायलट समर्थकों और सचिन पायलट का आलाकमान को संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि पायलट की लोकप्रियता सिर्फ भरतपुर संभाग में ही नहीं, ब्लकि पूरे राजस्थान में है। लोग पायलट के इंतजार में बैठे हैं।
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पायलट के कोटा स्टेशन पर स्वागत करने सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे। कोटा से झालावाड़ तक 12 जगह पायलट के स्वागत का इंतजाम किया गया था। पायलट के इस दौरे से हाड़ौती के विधायकों ने दूरी बनाए रखी। हालांकि पायलट ने प्रेस से भंवरलाल शर्मा की मौत पर अफसोस जाहिर किया और कहा कि जब मैं PCC अध्यक्ष था, तब भी खूब संघर्ष किया था, आज भी संघर्ष कर रहा हूं। आज हमारा एक ही उदेश्य है कि साल 2023 में हमारी सरकार फिर से बननी चाहिए।
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बता दें कि पायलट की इस भाषा से स्पष्ट है कि साल 2023 तक के लिए राजस्थान का सियासी संग्राम थम गया है। पायलट को 2023 की जिम्मेदारी मिल सकती है। लेकिन अभी मुख्यमंत्री गहलोत ही रहेंगे।
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पायलट के दौरे से पहले ही सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया था। संदेश साफ था कि पायलट का ऐतिहासिक स्वागत करना है। पायलट अगर 2023 के सिरमौर हुए तो कई लोगों के टिकट पायलट की हां पर ही निर्भर करेंगे। इसलिए पायलट को भी साधना कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मजबूरी और सियासी दायित्व भी है।