{"_id":"6230f9aa1f86bd63582b952a","slug":"anti-corruption-bureau-sentenced-five-years-jail-for-accepting-bribe-to-rpf-constable-in-kota","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: कोटा में आरपीएफ कांस्टेबल को रिश्वत लेने के आरोप में पांच साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान: कोटा में आरपीएफ कांस्टेबल को रिश्वत लेने के आरोप में पांच साल की कैद
Wed, 16 Mar 2022 02:10 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, कोटा (राजस्थान)
पीटीआई, कोटा (राजस्थान)
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 16 Mar 2022 02:10 AM IST
सार
अदालत ने आरोपी पर रिश्वत के लिए 80,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जब उन्होंने रिश्वत ली थी तब रमेश चंद सोलंकी बारां जिले के कवाई रेलवे स्टेशन पर तैनात थे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के कोटा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक अदालत ने रिश्वत लेने के आरोप में आरपीएफ कांस्टेबल रमेश चंद सोलंकी को पांच साल की कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल के एक हेड कांस्टेबल को एक दशक पहले 2,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में फैसला सुनाया।
विज्ञापन
इस मामले पर जानकारी देते हुए सहायक निदेशक अभियोजन (एडीपी) अशोक जोशी ने कहा कि एसीबी अदालत ने नवंबर 2011 में उनके द्वारा ली गई रिश्वत के लिए 80,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जब उन्होंने रिश्वत ली थी तब रमेश चंद सोलंकी बारां जिले के कवाई रेलवे स्टेशन पर तैनात थे।
विज्ञापन
एडीपी अशोक जोशी ने बताया कि सोलंकी को कवाई में रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति को चाय की दुकान चलाने की अनुमति देने के लिए प्रति माह 2,000 रुपये की मांग करने का दोषी ठहराया गया था। चाय विक्रेता रामभरोसे ने 24 अक्टूबर, 2011 को उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी तब उस समय रिश्वत के मामले में केस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
फिर मामले पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोलंकी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाल बिछाकर उसी साल दो नवंबर को रिश्वत लेते हुए उसे पकड़ लिया। एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने सजा की घोषणा करते हुए कहा कि आरपीएफ कांस्टेबल ने एक अनपढ़ और गरीब व्यक्ति से रिश्वत लेते हुए रेलवे की छवि खराब की है।