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Rajasthan: जोधपुर पुलिस ने सात करोड़ के साइबर फ्रॉड का किया खुलासा, 11 लड़कियों सहित 15 लोग गिरफ्तार

Fri, 17 Jan 2025 10:43 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 17 Jan 2025 10:43 PM IST
सार

जोधपुर पुलिस की साइबर सेल ने साइबर शील्ड अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए सात करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। साथ ही 11 लड़कियों सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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Rajasthan Jodhpur Police exposed cyber fraud of seven crores 15 people including 11 girls arrested
जोधपुर पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जोधपुर पुलिस की साइबर सेल ने साइबर शील्ड अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए सात करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। इसके साथ ही दो कॉल सेंटर से 11 युवतियों के साथ 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक मामले में बुजुर्गों को महिलाओं से मित्रता करवाने और ब्लैकमेल करने के मामले में दो आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। वहीं, एक आरोपी इन्वेस्टमेंट करवा ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देने के मामले में गिरफ्तार किया है।

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बासनी थाना क्षेत्र के न्यू पावर हाउस रोड निवासी पुखराज ने जिंदगी से तनाव दूर करने के लिए ऑनलाइन फ्रेंड्स फॉर एवर नाम के क्लब को ज्वाइन किया। इसके लिए उसने 1950 रुपये फिक्स डिपॉजिट के नाम पर जमा भी करवाए। फ्रेंड्स फॉर एवर नाम के क्लब में कम उम्र की महिलाओं से मित्रता करवाने के नाम पर क्लब का कार्ड जारी करने और क्लब की गतिविधियों के लिए अन्य शुल्क के नाम पर 57 वर्षीय पुखराज से लाखों रुपये की मांग की गई। इसके बाद पुखराज से लगातार क्लब के नाम पर पैसे लूटने का सिलसिला शुरू हो गया। सिर्फ दो महीने के अंदर ही पुखराज से ब्लैकमेलिंग कर 42,23,141 रुपये हड़प कर लिए गए।
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नवंबर 2024 से लेकर 10 जनवरी तक वह रुपये जमा करवाते रहा। आखिरकार, बाद में परेशान होकर उसने जोधपुर के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तकनीकी सहायता लेते हुए आरोपियों की पहचान कर ठगी के गिरोह को चिन्हित और नामजद किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल से मुख्य आरोपी अजय ओझा और अश्वनी ओझा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो एस क्रेडिट कार्ड 12 डेबिट कार्ड 11 मोबाइल 20 सिम कार्ड एक आई-20 कार बरामद की है। वहीं, दूसरे दो प्रकरण में पुलिस ने दो कॉल सेंटर पर कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपी के साथ 11 युवतियों को गिरफ्तार किया है। ब्रेक डाउन सर्विस देने के नाम पर धोखाधड़ी और ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
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जोधपुर की कुड़ी थाना क्षेत्र में पावर ब्रेक डाउन सर्विस इंडिया और सॉल्यूशन सर्विस ऑफ इंडिया के नाम से फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यह कॉल सेंटर गौरव पंजाबी अमित सिंह और हनी सिंह द्वारा संचालित किया जाता था। इस कॉल सेंटर के माध्यम से चौपहिया वाहन चालकों को कॉल कार रोड साइड अस्सिटेंस के नाम पर वहां के रास्ते में खराब होने, पंचर होने, ब्रेकडाउन होने पर पांच वर्ष की सर्विस देने और उनके नाम का कार्ड इशू करने के नाम पर पैसा लिया जाता। पैसे लेने के बाद में ग्राहक को सुविधा नहीं दी जाती थी। कार्ड पर फर्जी नंबर दिए जाते और सारे पैसे ऐंठ लिए जाते थे। यह कॉल सेंटर पिछले दो वर्ष से संचालित किया जा रहा था।

वहीं, भगत की कोठी थाना क्षेत्र में नॉटिनल ब्रेक डाउन सर्विस तो इंडिया के नाम से कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था, जिसमें भी रोड साइड असिस्टेंस के नाम पर ग्राहकों से ठगी की जाती। इस में ग्राहकों को कॉल करने के लिए 5 से 7 युवतियों को रख उनसे कॉल करवा कर कंपनी के लुभावने ऑफर दिए जाते थे। ताकि वाहन चालक झांसे में आ जाए और उनकी स्कीम ले ले। एक बार सर्विस बेच देने के बाद सर्विस नहीं दी जाती थी। यह लोग पकड़े न जाए, इसके लिए कॉल सेंटर को कुछ समय के बाद नए नाम से दूसरी जगह शुरू कर देते थे। 3500 रुपये की सर्विस बेचकर उसमें से महिलाओं को 700 रुपये, कुरियर वाले को 100 से 150 रुपये जिस कंपनी से प्राइवेट डेटा पांच रुपये प्रति कस्टमर दिया जाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुमेरचंद (25) जगदीश (30) के साथ 10 युवतियों को गिरफ्तार किया है।

जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाना क्षेत्र में इंवेस्टमेंट और ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले फलोदी निवासी एक युवक मांगीलाल (24) को पकड़ा है, जो ग्रामीणों को झांसे में लेकर फर्जी दस्तावेजों से सिम और बैंक खाते के साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तमाल करता है, जो साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रुपये को प्राप्त कर उनको क्रिप्टो करेंसी विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे बाइनेंस, मुड़ारेक्स इत्यादि के माध्यम से भेजने का कार्य करता था। पुलिस ने मांगीलाल से 21 बैंकों के एटीएम कार्ड, 10 मोबाइल फोन 13 सिम कार्ड बरामद की है। 


डीसीपी वेस्ट राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि अभियान साइबर शील्ड के दौरान 15 दिन में कुल दर्ज 4 प्रकरणों में 15 मुलजिमान गिरफ्तार किए। उनके कब्जे से एक कम्प्यूटर सेट मय प्रिन्टर, 10 क्रेडिट कार्ड, 37 एटीएम कार्ड, 52 सिम कार्ड, 35 मोबाइल, एक लाख रुपये एवं एक कार आई-20 नकद बरामद किए गए। इसके अलावा पुलिस थाना कुड़ी भगतासनी द्वारा साइबर अपराधियों से दो कार (1 क्रेटा व 1 सिफ्ट) व 2 बाइक 38 पुलिस एक्ट में जब्त की गई। पोर्टल से प्राप्त नम्बरों के आधार पर पुलिस थाना कुड़ी भगतासनी व भगत की कोठी द्वारा साइबर सेल पश्चिम की सहायता से 2 कॉल सेन्टरों पर कार्रवाई की गई। इसमें 2 पुरुष जो कॉल सेन्टर संचालक हैं एवं 11 महिलाएं जो कॉल सेन्टर में कार्यरत थी, उनको गिरफ्तार किया गया है। इनकी उम्र 22 वर्ष से लेकर 29 वर्ष तक है।

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