फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   RIMS Jaipur: Rajasthan to Establish RIMS Jaipur on AIIMS Model

RIMS Jaipur: एम्स की तर्ज पर जयपुर में रिम्स की स्थापना के लिए इसी सत्र में विधेयक लाएगी सरकार

Tue, 26 Aug 2025 11:45 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Tue, 26 Aug 2025 11:45 AM IST
सार


सार- राजधानी जयपुर में दिल्ली एम्स की तर्ज पर राजस्थान इंस्टीयूट ऑफ मेडिकल साईंसेज (रिम्स) की स्थापना के लिए सरकार इसी विधानसभा सत्र में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जयपुर विधेयक 2025’ पेश करेगी।

विज्ञापन
RIMS Jaipur: Rajasthan to Establish RIMS Jaipur on AIIMS Model
जयपुर में रिम्स की स्थापना - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिल्ली एम्स की तर्ज पर राजधानी जयपुर में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं से लैस राजस्थान इंस्टीयूट ऑफ मेडिकल साईंसेज (रिम्स) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए सरकार आने वाले विधानसभा सत्र में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जयपुर विधेयक 2025’ पेश करेगी।
विज्ञापन

चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली की तर्ज पर जयपुर में रिम्स की स्थापना की जाएगी जिसमें सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं, उन्नत चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए अनुसंधान और रोगी देखभाल की सर्वोत्तम सुविधाएँ आमजन को मिलेगी। रिम्स एक स्वायत्त संस्थान और विश्वविद्यालय के रूप में कार्य करेगा जहाँ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत डिग्री, डिप्लोमा और अन्य शैक्षणिक मान्यता दी जा सकेगी।
विज्ञापन

ये भी पढें- Ganesh Chaturthi Special: रणथंभौर में त्रिनेत्र गणेश के लक्खी मेले की धूम शुरू, प्रशासन ने किए कड़े इंतजाम

विज्ञापन
विज्ञापन
यह होगा रिम्स में 
चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि रिम्स में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, सीटीवीएस एवं ट्रांसप्लांट यूनिट जैसे सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएँ होगी तथा - पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, जेरियाट्रिक मेडिसिन, रूमेटोलॉजी, रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी, जेनेटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, स्लीप मेडिसिन, क्रिटिकल केयर जैसी अनेक नई सब-स्पेशियलिटी विभागों की भी स्थापना की जाएगी। संस्थान में सुपर-स्पेशियलिटी और ब्रॉड स्पेशियलिटी के विकास, क्वाटरनरी-स्तर के रेफरल अस्पताल सेवाओं, आधुनिक चिकित्सा और संबद्ध विज्ञानों (आयुष प्रणालियों-आयुर्वेद और योग) में विशेष स्नातकोत्तर शिक्षण और राज्य के विशिष्ट स्वास्थ्य पहलुओं पर नवाचार अनुसंधान किया जायेगा। साथ ही यहाँ शिक्षकों के प्रशिक्षण और प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल के लिए उपचार प्रोटोकॉल में नवाचार में भी कदम उठाये जायेगे। रिम्स में सरकारी नीतियों और योजनाओं के पात्र मरीजों को मुफ्त उपचार मिलेगा जिससे अन्य राजकीय अस्पतालों पर मरीजों का भार कम होगा और उन्हें विश्व स्तरीय सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होगी।


मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष
राजस्थान के मुख्य सचिव इसके अध्यक्ष होंगे तथा प्रतिनियुक्ति पर निदेशक नियुक्त किए जायेंगे। साथ ही एक शासी निकाय का गठन किया जायेगा जिसमें एम्स नई दिल्ली, चंडीगढ़ के पीजीआई और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल किया जायेगा। आरयूएचएस और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, जयपुर को भी रिम्स में समाहित करना प्रस्तावित है। 

विश्व स्तरीय सुविधाओं से होगा उपचार
रिम्स एक स्वायत्त संस्थान के रूप में कार्य करेगा जिसकी एक समर्पित निधि होगी। राज्य सरकार द्वारा रिम्स के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का व्यय किया जाना प्रस्तावित है. अन्य खर्चों के लिए प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकेगा। रिम्स में मेडिकल, डेंटल और नर्सिंग कॉलेज, ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों और फिजियोथेरेपिस्ट, फार्मासिस्ट जैसे स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। जिससे चिकित्सक निजी प्रैक्टिस के स्थान पर संस्थागत उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित करेगे। विधानसभा से रिम्स विधेयक पारित होने के बाद विभिन्न विषय विशेषज्ञ एवं निदेशक की नियुक्ति के लिए कार्यवाही शुरू की जाएगी तथा विश्व स्तरीय अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान के लिए विभिन्न विश्व स्तरीय चिकित्सा संस्थानों से अनुबंध किये जायेंगे। रिम्स की स्थापना से राजस्थान देश-विदेश में मेडिकल टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित होगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed