Rahul Gandhi: गहलोत ने राहुल की संसद सदस्यता बहाल होने को बताया सत्य की जीत; कहा- हठी सरकार झुकने पर मजबूर हुई
Rahul Gandhi Parliament Membership: सीएम अशोक गहलोत ने सोमवार को राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने इस मामले को लेकर एक पोस्ट साझा कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता बहाल होने को सत्य की जीत बताया।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर एक पोस्ट भी साझा की है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। सीएम गहलोत ने राहुल गांधी की सदस्यता बहाल होने को सत्य की जीत बताया है।
दरअसल, लोकसभा सचिवालय ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर राहुल गांधी की सांसदी दोबारा से बहाल कर दी है। उन्हें मोदी सरनेम मामले में मार्च 2023 में दोषी ठहराया गया था, दो साल की सजा होने की वजह से संसद से उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, चार अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाने का फैसला दिया था।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर साझा किया पोस्ट
सीएम अशोक गहलोत ने लिखा कि राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होना सत्य की विजय है। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी के संघर्ष और जनता के अपार समर्थन ने एक हठी सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। जनता की आवाज राहुल गांधी के रूप में अब संसद में फिर से गूंजेगी और आमजन के हित की बात उठाएगी।
यह है मामला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को 'मोदी सरनेम' टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से फौरी राहत मिल गई है। कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में कांग्रेस नेता की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी थी। इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने 'मोदी उपनाम' टिप्पणी पर मानहानि मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। ऐसे में बड़ी बात यह भी यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद राहुल लोकसभा सदस्यता बहाल हो सकती है।
तो क्या राहुल के 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने का भी रास्ता भी साफ हो गया?
सुप्रीम कोर्ट की ओर से राहुल को मिली राहत फौरी है। कोर्ट ने मामले को खारिज नहीं किया गया, बल्कि सजा पर रोक लगाई है। अब इस मामले में नए सिरे से सुनवाई होगी। अगर सुप्रीम कोर्ट भी राहुल को इस मामले में दो साल की सजा सुनाता है तो राहुल चुनाव लड़ने से अयोग्य हो जाएंगे।
वहीं, कोर्ट से बरी होने या दो साल से कम सजा मिलने पर राहुल चुनाव लड़ सकेंगे। हालांकि, ये फैसला कब तक आएगा ये देखना होगा। ऐसा भी हो सकता है कि कोर्ट का फैसला 2024 के चुनाव के बाद आए। ऐसे में राहुल 2024 का चुनाव लड़ सकते हैं।