फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Jaipur News: High Court Issues Notice Over Alleged Multi-Crore RajCOMP Corruption

Jaipur News: राजकॉम्प के करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़ों पर एसीबी द्वारा कार्यवाही नहीं करने पर हाईकोर्ट का नोटिस

Sat, 08 Nov 2025 07:23 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Sat, 08 Nov 2025 07:23 AM IST
सार

राजकॉम्प के लीगल मेट्रोलॉजी और ईपीडीएस प्रोजेक्ट में करोड़ों के फर्जीवाड़े को लेकर पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कार्मिक विभाग, आईटी विभाग और एसीबी के डीजी से जवाब तलब किया है।

विज्ञापन
Jaipur News: High Court Issues Notice Over Alleged Multi-Crore RajCOMP Corruption
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की याचिका पर राजकॉम्प के अर्न्तगत लीगल मैट्रोलॉजी एवं ई.पी.डी.एस प्रोजेक्ट में हुए करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़ों के मामलों में कार्यवाही नहीं करने और अधिकारियों को बचाने पर राजस्थान उच्च न्यायालय के द्वारा नोटिस जारी किए गए।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता पब्लिक अगेस्ट करप्शन संस्था के अधिवक्ता पूनम चंद भण्डारी ने बताया कि राजकॉम्प के अधिकारी आर.सी.शर्मा, तपन कुमार, कोशल सुरेष गुप्ता आदि ने मिलीभगत कर लीगल मैट्रोलॉजी एवं ईपीडीएस नामक प्रोजेक्ट्स में भारी फर्जीवाड़ा कर अपनी चहेती फर्मो को करोड़ों रुपयों का फायदा पहुंचाया। लीगल मैट्रोलॉजी प्रोजेक्ट्स में दो लोगो को वर्ष 2020 तक करीब 3 लाख रुपए प्रतिमाह की राशि पर नियुक्तियां दी गई थी जिन्हें आर.सी.शर्मा के द्वारा बार-बार व्हाइटनर लगाकर मार्च 2022 तक बढ़ाया जाता रहा। 
विज्ञापन

इसी प्रकार ईपीडीएस प्रोजेक्ट में पोइंट ऑफ सेल मशीन की खरीद एवं रख रखाव के लिए उदयपुर जिले के कार्यादेश लिंकवेल नाम की एक कम्पनी को दिया गया। इस कम्पनी के द्वारा जिला रसद अधिकारी उदयपुर के फर्जी हस्ताक्षर से कार्य सम्पूर्ण का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर वर्षों तक करोड़ों रूपये का भुगतान उठाया जाता रहा। जबकि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएसओ ने ऐसे किसी भी प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया। इसी प्रकार से टोंक जिले का कार्य एनालॉजिक्स नाम की एक कम्पनी को दिया गया एवं इस कम्पनी के द्वारा भी टोंक जिले के अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों से करोड़ों रूपयें उठाये जाते रहे एवं सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार टोंक जिले के अधिकारियों ने ऐसे कोई दस्तावेज जारी नहीं किए गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढें- Rajasthan News: राजस्थान में ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले 8% बढ़े, ओवरस्पीडिंग को लेकर अब FIR

 पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था के आजीवन सदस्य डॉ. टी.एन.शर्मा ने इन मामलों पर एसीबी में कई बार शिकायतें की मगर एसीबी ने इतने गंभीर मामलों में कोई कार्यवाही करने की बजाय इन मामलों भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 17-ए के अर्न्तगत जांच की स्वीकृती के लिए भेज दिया ताकि मामला वहां अटका रहे कोई सूचना नहीं आए। अधिवक्ता भण्डारी ने बताया की इस प्रकार के मामलों में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 17-ए  लागू नहीं होती है यह धारा सिर्फ पॉलिसी डिसीजन पर लागू होती है इन प्रकरणों में स्वीकृती की कोई आवश्यकता नहीं हैं लेकिन अपराधियों को बचाने के लिए स्वीकृति मांगी गई है ताकि मामला वहां लंबित रहे और वहां से स्वीकृति नहीं मिलने पर शिकायत को खारिज कर दिया जाए जबकि ऐसे भ्रष्टाचार के मामलों में तुरंत प्रभाव से एफआईआर दर्ज कर दोषी अधिकारियों एवं फर्मों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही की जानी चाहिए और उनको दी गई करोड़ों की राशि वसूल करनी चाहिए तथा अधिकारियों को जेल भेजना चाहिए।
मामले की सुनवाई के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर खंड पीठ के न्यायाधीश माननीय श्री आनन्द शर्मा जी ने कार्मिक विभाग के सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के सचिव एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed