फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Jaipur JDA Plans 5 MW Solar Plants to Save Rs 51 Lakh Monthly

जयपुर: सौर ऊर्जा से हर महीने 51 लाख रुपये की बिजली बचाने की तैयारी, 6 एसटीपी और 2 गार्डन पर लगेंगे सोलर प्लांट

Wed, 14 Oct 2026 08:49 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 14 Oct 2026 08:49 AM IST
सार

जयपुर में जेडीए द्रव्यवती नदी के 6 एसटीपी और 2 गार्डन पर 5 मेगावाट के सोलर प्लांट लगाएगा। इससे हर महीने 51 लाख रुपये की बिजली बचत और 11 साल में करीब 31.94 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ का अनुमान है।

विज्ञापन
Jaipur JDA Plans 5 MW Solar Plants to Save Rs 51 Lakh Monthly
जयपुर में लगाए जा रहे सोलर पैनल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर में बिजली खर्च कम करने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने बड़ी पहल की है। इसके तहत द्रव्यवती नदी पर बने 6 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और 2 गार्डन की छतों पर 5 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड (RRECL) के माध्यम से पूरी होने वाली इस परियोजना से हर महीने औसतन 6 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होने का अनुमान है। इससे बिजली की दर 8.50 रुपये प्रति यूनिट मानने पर हर महीने करीब 51 लाख रुपये की बचत हो सकती है।

विज्ञापन

25 साल में 18 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान

परियोजना के तहत सोलर प्लांट से रोजाना औसतन 20 हजार यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान है। इस हिसाब से सालाना 72 लाख यूनिट और 25 साल में करीब 18 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटेगी और जेडीए के बिजली खर्च में लंबे समय तक कमी आएगी।

विज्ञापन

11 साल में 35.38 करोड़ रुपये का भुगतान

परियोजना के लिए जेडीए की ओर से RRECL को 536.12 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से 11 साल तक भुगतान किया जाएगा। इस अवधि में कुल भुगतान करीब 35.38 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसमें परियोजना के 25 साल के संचालन और रखरखाव का खर्च भी शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बिजली बचत से आर्थिक लाभ का अनुमान

प्रस्ताव के अनुसार, 8.50 रुपये प्रति यूनिट बिजली की औसत दर के आधार पर 11 साल में करीब 67.32 करोड़ रुपये की सकल बिजली बचत का अनुमान है। इसमें से RRECL को किए जाने वाले 35.38 करोड़ रुपये के भुगतान को घटाने पर करीब 31.94 करोड़ रुपये का अनुमानित शुद्ध आर्थिक लाभ बताया गया है। हालांकि, वास्तविक बचत बिजली की दर, सोलर प्लांट के वास्तविक उत्पादन और परियोजना के संचालन पर निर्भर करेगी।


यह भी पढें- राजस्थान: 16 आरएएस अफसरों का आईएएस में प्रमोशन, अन्य सेवाओं के अधिकारी 10 महीने से कर रहे इंतजार

25 साल तक मिलेगा सोलर प्लांट का लाभ

परियोजना की एक अहम बात यह है कि RRECL को भुगतान की 11 साल की अवधि पूरी होने के बाद भी सोलर प्लांट का संचालन और रखरखाव अनुबंध के अनुसार 25 साल तक जारी रहेगा। इससे आने वाले वर्षों में भी जेडीए को सौर ऊर्जा से बिजली खर्च बचाने का लाभ मिल सकता है।

कार्बन उत्सर्जन में भी आएगी कमी

सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटने के साथ पर्यावरण को भी फायदा होगा। परियोजना से सालाना करीब 5,227 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। 25 साल में यह कमी करीब 1.31 लाख टन तक पहुंच सकती है। इससे जेडीए के ग्रीन एनर्जी और ऊर्जा संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed