राजस्थान: 16 आरएएस अफसरों का आईएएस में प्रमोशन, अन्य सेवाओं के अधिकारी 10 महीने से कर रहे इंतजार
राजस्थान में 16 RAS अधिकारियों को एक महीने में IAS प्रमोशन मिल गया। बोर्ड की बैठक सितंबर में हुई और अगले महीने प्रमोशन मिल गया। दूसरी तरफ अन्य सेवाओं के अफसरों का बोर्ड पिछले साल बैठ चुका लेकिन प्रमोशन अब तक अटका हुआ है।
विस्तार
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 16 अधिकारियों को IAS कैडर में पदोन्नति देने की प्रक्रिया करीब एक महीने में पूरी हो गई। सितंबर में बोर्ड की बैठक होने के बाद राज्य सरकार ने नाम केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेजे और अब पदोन्नति के आदेश भी जारी हो गए। वहीं, अन्य सेवाओं के अधिकारियों को IAS में प्रमोशन के लिए करीब 10 महीने से इंतजार करना पड़ रहा है। इन अधिकारियों के मामले में अब तक राज्य सरकार की ओर से नाम DoPT को नहीं भेजे गए हैं।
अन्य सेवाओं के अधिकारियों की पदोन्नति के लिए बोर्ड की बैठक 23-24 दिसंबर 2025 को हुई थी। इस प्रक्रिया के तहत 20 नामों में से चार अधिकारियों का चयन किया जाना था, लेकिन अब तक इस संबंध में आदेश जारी नहीं हुए हैं। बताया जा रहा है कि UPSC इस मामले में चार बार रिमाइंडर भी भेज चुका है। इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
RAS अधिकारियों की प्रक्रिया तेजी से पूरी
RAS अधिकारियों की पदोन्नति के लिए सितंबर में बोर्ड की बैठक हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने चयनित अधिकारियों के नाम DoPT को भेज दिए। करीब एक महीने के भीतर पदोन्नति के आदेश भी जारी हो गए। इस सूची में 16 अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें IAS कैडर में पदोन्नति मिली है।
दूसरी ओर, अन्य सेवाओं के अधिकारियों की पदोन्नति का मामला लंबे समय से लंबित है। बोर्ड की बैठक हुए करीब 10 महीने बीतने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से नाम नहीं भेजे जाने से चयन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
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अन्य सेवाओं के अधिकारियों की पदोन्नति पर सवाल
अन्य सेवाओं के अधिकारियों की पदोन्नति का मामला लंबित रहने पर सवाल उठ रहे हैं कि जब RAS अधिकारियों की प्रक्रिया एक महीने में पूरी हो सकती है, तो दूसरी सेवाओं के अधिकारियों के मामले में देरी क्यों हो रही है।
राजेश व्यास के अनुसार, अन्य सेवाओं के अधिकारियों के लिए 23-24 दिसंबर 2025 को बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें 20 नामों में से चार अधिकारियों का चयन होना था, लेकिन इसका आदेश अब तक लंबित है। उनके मुताबिक, UPSC इस संबंध में चार बार रिमाइंडर भी भेज चुका है।