{"_id":"68dd135182001799910bfbf9","slug":"fraudulent-investments-alert-cyber-criminals-using-deepfakes-and-fake-apps-to-cheat-people-jaipur-news-c-1-1-noi1422-3469143-2025-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan News: निवेश धोखाधड़ी से सावधान, साइबर ठग उच्च रिटर्न और डीपफेक कर लगा रहे चूना; जानें कैसे बचें?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan News: निवेश धोखाधड़ी से सावधान, साइबर ठग उच्च रिटर्न और डीपफेक कर लगा रहे चूना; जानें कैसे बचें?
Wed, 01 Oct 2025 07:38 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Oct 2025 07:38 PM IST
सार
Jaipur News: साइबर ठग सोशल मीडिया, नकली वेबसाइट और डीपफेक वीडियो के जरिए निवेश धोखाधड़ी कर रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि अनजान लिंक और फर्जी एप से बचें, सबूत सुरक्षित रखें और शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पोर्टल पर दर्ज कराएं।
विज्ञापन
राजस्थान पुलिस मुख्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वर्तमान समय में साइबर अपराधियों ने निवेश धोखाधड़ी का नया जाल बिछा लिया है। उच्च रिटर्न और कम समय में दोगुना लाभ का लालच देकर अपराधी भोले-भाले नागरिकों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। राजस्थान पुलिस ने इसे लेकर नागरिकों को सतर्क करते हुए स्पष्ट एडवाइजरी जारी की है।
विज्ञापन
उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वाट्सऐप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और नकली वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को फंसाते हैं। उनकी मुख्य चालों में कम समय में दोगुना पैसा, नकली वेबसाइट या एप, आकर्षक लिंक, डीपफेक वीडियो और धमकियों के जरिए दबाव बनाना शामिल है। ठग शुरुआत में छोटी रकम पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश करवाते हैं।
विज्ञापन
फर्जी प्लेटफॉर्म की पहचान के लिए पुलिस ने कुछ संकेत बताए हैं। इनमें स्क्रीन पर बैलेंस तेजी से बढ़ता दिखना, लेकिन निकालने पर अटक जाना, नकली ट्रांजैक्शन आईडी, अस्पष्ट लाइसेंस या संपर्क विवरण और लगातार बोनस ऑफर शामिल हैं। कई बार धोखेबाज भारतीय मोबाइल नंबर का उपयोग करते हैं। यदि उस नंबर पर सामान्य कॉल न लगे या स्विच ऑफ मिले, तो यह लगभग तय है कि वह साइबर अपराधी द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- पुलिस हिरासत में युवक की मौत मामला: डूंगरपुर में CI समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित, कलेक्ट्री के बाहर डटे ग्रामीण
नागरिकों को सुझाव दिया गया है कि किसी भी अनजान लिंक या एप पर निवेश न करें। केवल सरकारी अथवा अधिकृत संस्थानों की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर भरोसा करें। किसी योजना में पैसा लगाने से पहले परिवार या वित्तीय विशेषज्ञ से राय लेना जरूरी है। यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो स्क्रीनशॉट, भुगतान आईडी, कॉल-लॉग और संदेश सुरक्षित रखें। यह सबूत शिकायत दर्ज कराने में सहायक होंगे।
डीआईजी शर्मा ने कहा कि जल्दी अमीर बनने वाली योजनाएं प्रायः धोखाधड़ी होती हैं। यदि आप ऐसे अपराध का शिकार होते हैं तो इसकी सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930, साइबर हेल्प डेस्क 92560-01930 और 925751-10100, पोर्टल https://cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दें।
यह भी पढ़ें- Rajasthan News: त्योहारी सीजन में झटका! कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 15 रुपये महंगा, घरेलू सिलेंडर पर राहत बरकरार