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RTI: राजस्थान में रोजगार कार्यालयों से पांच साल में नहीं मिली सरकारी नौकरी, 22 लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत
Tue, 17 Mar 2026 06:36 PM IST
Himanshu Priyadarshi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Himanshu Priyadarshi
Updated Tue, 17 Mar 2026 06:36 PM IST
सार
Jaipur News: राजस्थान में 22 लाख से अधिक बेरोजगार लोग पंजीकृत हैं, जबकि पिछले पांच वर्षों में रोजगार कार्यालयों के जरिए सरकारी नौकरी नहीं मिली। निजी क्षेत्र में भी सीमित नियुक्तियां हुईं, जिससे रोजगार व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह जानकारी आरटीआई से हुए खुलासे से सामने आई है।
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राजस्थान में रोजगार कार्यालयों से पांच साल में नहीं मिली सरकारी नौकरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर में आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी में सामने आया है कि राजस्थान के रोजगार कार्यालयों में वर्तमान में 22 लाख से अधिक बेरोजगार युवा पंजीकृत हैं। इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि पिछले पांच वर्षों में इन कार्यालयों के माध्यम से सरकारी क्षेत्र में किसी भी अभ्यर्थी को नौकरी नहीं मिली है।
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पंजीकृत बेरोजगारों का आंकड़ा
रोजगार निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार 14 जनवरी तक राज्य के जिला रोजगार कार्यालयों में कुल 22,21,317 अभ्यर्थी नौकरी की तलाश में पंजीकृत हैं। इनमें से 13.08 लाख से अधिक पुरुष, 9.12 लाख महिलाएं और 989 अभ्यर्थी ‘अन्य’ श्रेणी में शामिल हैं।
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कैसी है जिलावार स्थिति?
जिलों के अनुसार, जयपुर में सबसे अधिक 2.51 लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसके बाद अलवर में 1.53 लाख, नागौर में 1.34 लाख, झुंझुनूं में 1.22 लाख और जोधपुर में 86,320 अभ्यर्थी दर्ज किए गए हैं। वहीं जैसलमेर में 12,031 और प्रतापगढ़ में 14,047 के साथ सबसे कम पंजीकरण सामने आया है।
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क्या हैं वर्गवार आंकड़े?
वर्गवार विश्लेषण में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों की संख्या सबसे अधिक पाई गई है। इसके बाद सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थी शामिल हैं।
निजी क्षेत्र में भी सीमित अवसर
आरटीआई में यह भी सामने आया है कि पिछले पांच वर्षों में रोजगार कार्यालयों के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी सीमित नियुक्तियां हुई हैं। वर्ष 2021 में 86, 2022 में 825, 2023 में 3, 2024 में 23 और 2025 में 71 अभ्यर्थियों को ही रोजगार मिल पाया।
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आरटीआई आवेदक की प्रतिक्रिया
आरटीआई आवेदक चंद्रशेखर गौर ने कहा कि पिछले दो दशकों में निजी क्षेत्र में निवेश और विकास बढ़ा है, लेकिन रोजगार निदेशालय के माध्यम से मिलने वाली नौकरियां बहुत कम हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में स्थायी और अस्थायी नियुक्तियां लगभग बंद हो चुकी हैं और रोजगार कार्यालयों को सक्रिय करने की जरूरत है।
विभाग का पक्ष और गतिविधियां
रोजगार निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार विभाग ‘रोजगार संदेश’ नामक प्रकाशन के माध्यम से समय-समय पर सरकारी नौकरियों की जानकारी देता है। साथ ही रोजगार मेलों और अन्य गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है।
विभाग की भूमिका
राजस्थान के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के अनुसार रोजगार कार्यालय विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों के जरिए बेरोजगारों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इनमें व्यावसायिक सलाह, प्रशिक्षण की जानकारी, नियोक्ताओं को अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराना, रोजगार मेलों का आयोजन और कमजोर वर्गों के लिए विशेष योजनाओं के तहत सहायता शामिल है।
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