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Rajasthan: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा का भजनलाल सरकार पर हमला, कहा- ' ये संविधान-कानून की अनदेखी कर रहे'
Tue, 25 Mar 2025 03:15 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 25 Mar 2025 03:15 PM IST
सार
Rajasthan: डोटासरा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 4 जून और 22 मई तक पंचायतीराज और नगर निकायों से संबंधित निर्णय लिए जाने जरूरी हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार किसी भी सूरत में शहर और गांव के निकायों के चुनाव एक साथ नहीं करा सकती।
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गोविंद सिंह डोटासरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार न तो संविधान को मान रही है और न ही कानून को। नगर निगम और नगर निकायों में चुने गए जनप्रतिनिधियों के चुनाव अब तक नहीं कराए गए हैं। वन स्टेट, वन इलेक्शन के नाम पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है, जबकि विकास कार्यों में सरकार रुकावट डाल रही है।
जनप्रतिनिधियों को हटाने पर सवाल
डोटासरा ने कहा कि सरकार बिना जांच के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को हटा रही है। यहां तक कि कोर्ट से स्टे मिलने के बावजूद भी उन्हें बहाल नहीं किया जा रहा। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया।
प्रशासक लगाने का कोई प्रावधान नहीं
डोटासरा ने कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर प्रशासक लगा रही है, जबकि ऐसा करने का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आयोग निष्क्रिय पड़ा है और इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
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पढ़ें; 'वन नेशन-वन इलेक्शन जरूरी'...बार-बार चुनाव होने से देश की गति बाधित होती है': सुनील बंसल
चुनाव न कराने पर सरकार पर निशाना
डोटासरा ने श्रीगंगानगर के दो वार्डों में चुनाव नहीं कराने का मुद्दा उठाया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले में भी चुनाव न होने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही है और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
पुनर्सीमांकन पर सरकार का रवैया गलत
डोटासरा ने कहा कि परिसीमन या पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया छह महीने पहले पूरी हो जानी चाहिए थी। कांग्रेस सरकार के समय 2011 की जनगणना के आधार पर सीमांकन किया गया था, इसलिए अब पुनर्सीमांकन नहीं किया जा सकता। हालांकि, ग्राम पंचायतों के वार्ड स्तर पर सीमांकन संभव है, लेकिन बड़ी इकाइयों में बदलाव नहीं किया जा सकता।
ओटीएस में आरएसएस और बीजेपी नेताओं का दखल
डोटासरा ने ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) में हो रही बैठकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी कानूनी अधिकार के पार्टी स्तर पर कमेटियां बनाकर सरकारी अधिकारियों को आदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेंद्र राठौड़, घनश्याम तिवाड़ी और अरुण चतुर्वेदी जैसी बीजेपी के नेता बैठकें कर रहे हैं और अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपा जाएगा ज्ञापन
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपेगी और सरकार की मनमानी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस के हारे हुए नेताओं की कमेटियां बनाकर जनभावनाओं को दरकिनार किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी।
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जनप्रतिनिधियों को हटाने पर सवाल
डोटासरा ने कहा कि सरकार बिना जांच के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को हटा रही है। यहां तक कि कोर्ट से स्टे मिलने के बावजूद भी उन्हें बहाल नहीं किया जा रहा। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया।
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प्रशासक लगाने का कोई प्रावधान नहीं
डोटासरा ने कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर प्रशासक लगा रही है, जबकि ऐसा करने का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आयोग निष्क्रिय पड़ा है और इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
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चुनाव न कराने पर सरकार पर निशाना
डोटासरा ने श्रीगंगानगर के दो वार्डों में चुनाव नहीं कराने का मुद्दा उठाया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले में भी चुनाव न होने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही है और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
पुनर्सीमांकन पर सरकार का रवैया गलत
डोटासरा ने कहा कि परिसीमन या पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया छह महीने पहले पूरी हो जानी चाहिए थी। कांग्रेस सरकार के समय 2011 की जनगणना के आधार पर सीमांकन किया गया था, इसलिए अब पुनर्सीमांकन नहीं किया जा सकता। हालांकि, ग्राम पंचायतों के वार्ड स्तर पर सीमांकन संभव है, लेकिन बड़ी इकाइयों में बदलाव नहीं किया जा सकता।
ओटीएस में आरएसएस और बीजेपी नेताओं का दखल
डोटासरा ने ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) में हो रही बैठकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी कानूनी अधिकार के पार्टी स्तर पर कमेटियां बनाकर सरकारी अधिकारियों को आदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेंद्र राठौड़, घनश्याम तिवाड़ी और अरुण चतुर्वेदी जैसी बीजेपी के नेता बैठकें कर रहे हैं और अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपा जाएगा ज्ञापन
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपेगी और सरकार की मनमानी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस के हारे हुए नेताओं की कमेटियां बनाकर जनभावनाओं को दरकिनार किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी।