जयपुर हादसा: नेल पॉलिश और बिछिया से हुई कांस्टेबल अनीता की पहचान, अब कौन भरेगा परिवार का पेट
अनीता जयपुर जिले के दूदू से ड्यूटी के लिए चैनपुरा जा रही थीं। स्लीपर बस में सफर के दौरान आग लग गई, जिससे वह बस से बाहर नहीं निकल पाईं। अनीता की पहचान उनके पैर में लगे नेल पॉलिश और बिछिया से हुई।
विस्तार
जयपुर में स्लीपर बस में आग लगने की दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। हादसा इतना भयावह था कि इसे भूल पाना आसान नहीं होगा। हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जिनमें राजस्थान आरएसी की चतुर्थ बटालियन में तैनात महिला कांस्टेबल अनीता मीणा (28) भी शामिल थीं। अनीता जयपुर जिले के दूदू से ड्यूटी के लिए चैनपुरा जा रही थीं। स्लीपर बस में सफर के दौरान आग लग गई, जिससे वह बस से बाहर नहीं निकल पाईं। अनीता की पहचान उनके पैर में लगे नेल पॉलिश और बिछिया से हुई। उनके निधन से पूरा परिवार और आरएसी बटालियन शोक में है।
अनीता की नौकरी से ही चलता था परिवार
अनीता 2016 बैच की कांस्टेबल थीं। उनके भाई बसराम ने बताया कि अनीता के 10 साल की बेटी और 7 साल का बेटा है। उनका परिवार खेती पर निर्भर था। अनीता की नौकरी से घर की आर्थिक स्थिति ठीक होने लगी थी। इस हादसे ने न केवल परिवार की आर्थिक मदद करने वाली सदस्य को छीन लिया, बल्कि उनके बच्चों और पति के भविष्य को भी अंधकार में धकेल दिया। अनीता का शव एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
200 फीट ऊंची आग की लपटें, उड़ते पक्षी तक जल उठे
शुक्रवार सुबह एलपीजी टैंकर में हुआ धमाका इतना भयावह था कि 200 फीट ऊंची आग की लपटें उठने लगीं। आसपास मौजूद लोगों को बचने का मौका तक नहीं मिल पाया। आसमान में उड़ते पक्षी तक झुलस गए। सबकुछ इतनी जल्दी हुआ कि एक बाइक सवार का हेलमेट चेहरे से चिपका ही रह गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एलपीजी टैंकर में लगी आग एक किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थी। पास से गुजर रही कई दर्जन गाड़ियां लपटों की चपेट में आ गईं। इसके बाद अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे।
कुछ लोग बस में फंस कर जिंदा जल गए
बस में मौजूद रहे एक यात्री ने बताया कि सुबह करीब 5.30 बजे अचानक बस रुकी, जिसके बाद धमाके की आवाज सुनाई दी। देखते ही देखते आग बस के हर तरफ फैल गई। दरवाजे बंद थे। यात्रियों ने बस की खिड़की तोड़ी और बाहर कूदने लगे। कुछ लोग बस में फंसे गए और जिंदा जल गए। 100 से 200 मीटर के आसपास की चीजें जलकर राख हो गईं।
18 टन एलपीजी और माचिस का ट्रक
जिस टैंकर से हादसा हुआ उसमें 18 टन एलपीजी भरी हुई थी। माचिस भरा ट्रक भी आकर टकराया, जिससे आग और भड़की। एक स्कूल वैन के ड्राइवर ने बताया कि आग तेजी से फैल गई। आसपास से गुजर रहे वाहन और लोगों को बचने का मौका तक नहीं मिला।
केमिकल लदे ट्रक और एलपीजी टैंकर में टक्कर के बाद फैली आग ने आसपास सबको अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में ट्रक, ट्रॉली, कार, बस समेत 40 वाहन जलकर खाक हो गए। - अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, जयपुर
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