भारत की अध्यक्षता में पहली बार होने वाला जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन राजस्थान में हो सकता है। केंद्र सरकार के तीन संयुक्त सचिव सहित पांच अधिकारियों के एक दल ने उदयपुर और राजसमंद के कुंभलगढ़ दुर्ग का जायजा लिया है। उसके बाद टीम पाली के रणकपुर के लिए रवाना हो गई।
2 of 5
चित्तौड़गढ़ दुर्ग का जायजा लेती टीम
- फोटो : Amar Ujala Digital
जी 20 शिखर सम्मेलन के लिए गठित केंद्रीय टीम की सोमवार को उदयपुर एयरपोर्ट पहुंची, जहां उदयपुर प्रशासन ने केंद्रीय टीम की आगवानी की। इसके बाद दल के सदस्य एयरपोर्ट से शहर के लिए रवाना हो गए। टीम मंगलवार को राजसमंद के कुंभलगढ़ दुर्ग पहुंची। राजसमंद में उन्होंने कार्यक्रम को लेकर लोकेशन को देखा और रूपरेखा तैयार की। केंद्रीय टीम के मंगलवार को दुर्ग पहुंचने पर जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना, एसपी सुधीर चौधरी, एसडीएम जयपाल सिंह राठौड़, तहसीलदार रणजीत सिंह चारण, डिप्टी नरेश कुमार ने अगवानी कर स्वागत सत्कार किया।
3 of 5
रणकपुर भी जाएगी केंद्रीय टीम
- फोटो : Amar Ujala Digital
बादल महल की भी जानकारी जुटाई
टूरिज्म विभाग की डिप्टी डायरेक्टर शिखा सक्सेना ने बताया कि टीम ने दुर्ग की दीवार के अलावा शिव मंदिर वाला एरिया और मुख्य दुर्ग बादल महल की जानकारी लेकर परफोमा बनाया है। इस दौरान हेरिटेज सोसाइटी के सचिव कुबेर सिंह सोलंकी ने टीम को विस्तार से दूर के बारे में जानकारी भी दी। कुंभलगढ़ दुर्ग के बाद टीम रणकपुर के लिए रवाना हो गई।
4 of 5
बादल महल का भी लिया जायजा
- फोटो : Amar Ujala Digital
ये रहे टीम में शामिल
डिप्टी डायरेक्टर शिखा सक्सेना ने बताया कि टीम में पांच अफसर शामिल थे। जिनमें संयुक्त सचिव चरण जीत सिंह, इनम गंभीर, रमेश बाबू, ओएसडी प्रवीण जांखड़, अंडर सेकेट्री अशीम अनवर ने दुर्ग पर वेन्यू को लेकर जानकारी ली। जी 20 शिखर सम्मेलन के लिए अभी तारीख और लोकेशन तय नहीं है।
5 of 5
उदयपुर में केंद्रीय टीम
- फोटो : Social Media
जी 20 क्यों उदयपुर में हो सकता है
उदयपुर देश-दुनिया में अपने डेस्टिनेशन प्रोग्राम के लिए प्रसिद्ध है। यहां एक से बढ़कर एक आलीशान होटल, रेसॉर्ट और महल हैं। हाल ही में कांग्रेस ने उदयपुर में तीन दिवसीय नव संकल्प शिविर का आयोजन किया था। इस शिविर में देशभर के करीब 500 से ज्यादा पदाधिकारियों ने भाग लिया था। कार्यक्रम के लिए शहर के सभी पर्यटन स्थलों और सड़कों को दुरुस्त किया गया था। इतना बड़े आयोजन के लिए उदयपुर को उपयुक्त जगह माना जा रहा है।
बता दें कि इसमें दुनिया की 20 बड़ी आर्थिक शक्तियों के राजनयिक सहित 250 से ज्यादा डेलिकेट शामिल होंगे। बैठक में एक साल में होने वाली 190 बैठकों का एजेंडा और राष्ट्रीय अध्यक्षों का मसौदा तैयार किया जाएगा।