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Kota: ब्लैक फंगस बीमारी से पीड़ित मरीजों दिए गए इंजेक्शन में मिला घातक एंडोटोक्सीन, विभाग ने किए सीज
Wed, 11 Jan 2023 12:04 PM IST
अर्पित याग्निक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: अर्पित याग्निक
Updated Wed, 11 Jan 2023 12:04 PM IST
सार
मेडिकल स्टोर से जब्त किए गए ब्लैक फंगस बीमारी से पीड़ित मरीजों के दिए जाने वाले इंजेक्शन में एंडोटोक्सीन की पुष्टि हुई है। जिसके बाद 61 इंजेक्शन को सीज कर दिया गया है। मेडिकल व्यवसायियों में मचा हड़कंप।
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इंजेक्शन में एंडोटोक्सीन की हुई पुष्टि
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
औषधि नियंत्रण विभाग कोटा की टीम ने कोटा के महावीर नगर थर्ड चौराहे पर स्थित महावीर ईएनटी हॉस्पिटल में संचालित मेडिकल स्टोर में ब्लैक फंगस बीमारी से पीड़ित मरीजों के लगाए जाने वाले एंफोटरइसिन बी (10 एमएल) इंजेक्शन सीज किए गए हैं। मरीजों में सीवियर हाइपरटेंशन की शिकायत मिलने के बाद विभाग की टीम ने 15 जून 2021 को इंजेक्शन के सैंपल लिए थे। सैंपल को जांच के लिए सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी कोलकाता भेजा गया था। डेढ़ साल बाद लेबोरेट्री की जांच में यह इंजेक्शन अमानक कोटि का घोषित किया गया। अब बाद ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोर पहुंचकर ढाई लाख कीमत के करीब 61 इंजेक्शन सीज किए हैं।
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मरीजों को रिएक्शन की शिकायत के बाद लिए सैंपल
ड्रग विभाग के औषधि नियंत्रण अधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि डेढ़ साल पहले जून महीने में मेडिकल स्टोर पर करीब 100 इंजेक्शन आए थे। इनमें से 19 इंजेक्शन मरीजों के लगाए गए थे, जिनमें कुछ मरीजों के रिएक्शन होने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर इंजेक्शन फ्रीज किए थे। इनमें से 20 के सैंपल लिए थे। बची हुई दवाओं को आगामी आदेश तक फ्रीज किया था।
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इंजेक्शन में एंडोटोक्सीन की हुई पुष्टि
सैंपल की लेबोरेटरी जांच में इंजेक्शन में एंडोटोक्सीन की पुष्टि हुई है। एंडोटोक्सीन मानव जीवन के लिए घातक होता है। इस कारण से फ्रीज किए 61 इंजेक्शन को सीज कर दिया गया है। जल्दी ही औषधि निर्माता फर्म को नोटिस देकर घटिया क्वालिटी की औषधि के निर्माण के संबंध में समस्त दोषी फर्म एवं व्यक्तियों के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।
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