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CWC: कांग्रेस की हार के बाद गहलोत बोले- राहुल गांधी को अध्यक्ष बनना चाहिए, पार्टी एकजुट रहेगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Sun, 13 Mar 2022 06:01 PM IST
सार

उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती है, एक समय भाजपा ने 542 में से केवल 2 सीटें जीती थी। लोग गुमराह हो रहे हैं क्योंकि भाजपा धर्म की राजनीति करती हैं, आज नहीं तो कल ये बात देशवासियों को जरूर समझ आएगा। पढ़िए, पांच राज्यों में कांग्रेस की करारी हार पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने क्या कहा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस आत्ममंथन मोड में आ गई है। आज शाम चार बजे से कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक होनी है। इसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा रास्ता तो एकता, अखंडता का है और एक रास्ता भाजपा का है- धर्म और ध्रुवीकरण का। पीएम और केजरीवाल एक जैसा बोलते हैं। ये आग लगाना काफी आसान काम होता है, लेकिन उसे बुझाना काफी मुश्किल है। गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी को अध्यक्ष बनना चाहिए, इससे पार्टी एकजुट रहेगी।



उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती है, एक समय भाजपा ने 542 में से केवल 2 सीटें जीती थी। लोग गुमराह हो रहे हैं क्योंकि भाजपा धर्म की राजनीति करती हैं, आज नहीं तो कल ये बात देशवासियों को जरूर समझ आएगा। इंदिरा गांधी ने अपनी जान दे दी, लेकिन खालिस्तान नहीं बनने दिया। 


पांच राज्यों की हार पर होगा मंथन
देश के पांच राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। पंजाब में तो कांग्रेस को सरकार में होते हुए भी हार का सामना करना पड़ा है। इस बैठक में हार के कारणों की समीक्षा होगी और फिर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

पढ़िए, पांच राज्यों में हुई करारा हार पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्या बोले 

सवाल- पांच राज्यों में कांग्रेस को बड़ी शिकस्त मिली है, पंजाब में जिस तरह से आप का आना हुआ, इसे कैसे देखते हैं?
जवाब- राजनीति में कई तरह की परिस्थिति बन जाती हैं, उससे घबराना नहीं चाहिए। उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं। यही भाजपा जो आज सत्ता में हैं, इसे 542 में से लोकसभा चुनाव में सिर्फ 2 सीटें मिली थीं, हमने वो दिन भी देखा है। इसलिए चुनाव में हार-जीत होती रहती है, हम उनसे घबराते नहीं हैं। देश के लिए कांग्रेस का इतना लंबा अनुभव है, आजादी के पहले का भी और बाद का भी, कांग्रेस का कैडर घबराने वाला नहीं है। ये कोई जीत है क्या? आप अगर धर्म के नाम पर राजनीति करो, ध्रुवीकरण कर दो, उसके बाद में क्या बचता है?

देश के अंदर आप हिंदुत्व, ध्रुवीकरण, ये करके कुछ भी कर सकते हो, महानता उसके अंदर है कि आप धर्मनिरपेक्षता की बात करो, सबको साथ लेकर चलने की बात करो, हमारे देश का यही संदेश है। भाजपा के नेता सीना फुला-फुलाकर जो बातें करते हैं, इनमें क्या नैतिक बल है? जो लोग ध्रुवीकरण करके राजनीति कर रहे हैं देश को बर्बाद कर रहे हैं, उनकी हम चिंता करेंगे क्या? अल्टीमेटली जीत सत्य की होगी और सत्य कांग्रेस के साथ में है। 

सवाल- मुद्दे पीछे छूट गए और इमोशनल इश्यूज पर चुनाव लड़े गए?
जवाब- यही हुआ है, सब जगह यही हुआ है, यह बिलकुल ठीक है। ये लोग नॉन-इश्यू को इश्यू बनाते हैं, नॉन-इश्यू को इश्यू बनाकर धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण करके आप राजनीति कर रहे हो। मैं समझता हूं कि कुछ गलतियां हमसे भी हुई हैं, पंजाब के अंदर आपस में ही कांग्रेस की जो नाइत्तेफाकी हुई, या आपस में जो आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे, इन बातों को जनता ने स्वीकार नहीं किया। देश के अंदर कांग्रेस की नीतियों को, उसके कार्यक्रमों को और सिद्धांतों को अस्वीकार नहीं किया गया है।
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राज्य की लोकल स्थितियां होती हैं, उसके अनुसार वोटिंग पैटर्न होता है, उसी रूप में पंजाब के हालात हमारे सामने हैं। हम चुनाव जीत रहे थे, जरणजीत चन्नी ने अच्छे मैसेज दिए थे, पर वहां आप ने सरकार बना ली।  मेरा मानना है कि आज भी राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस ही है, जिसकी चौकियां, जिसकी इकाइयां पूरे देश के हर गांव में, हर घर के अंदर हैं। देश उम्मीद करता है कि कांग्रेस मजबूत हो और उभरकर आगे आए। आज कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है और कल हम लोग सरकार में भी आएंगे, ये हमें विश्वास है। 
 
सवाल- ममता बनर्जी ने कहा है कि ये ईवीएम की जीत है?
जवाब- मैं इन बातों पर नहीं जाना चाहता, मैं मानता हूं कि ममता बनर्जी जी ने ईवीएम की बात कही है तो सोच-समझकर कही होगी। सुब्रहमण्यम स्वामी के केस के आधार  उसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मशाीनों के अंदर वीवीपैट का प्रोविजन किया है। इसके मायने हैं कि सुप्रीम कोर्ट मान गया कि मशीनों में गड़बड़ हो सकती है। मैं इसे चुनाव के परिणामों से नहीं जोड़ रहा हूं, लेकिन आज देश को मशीनों पर विश्वास क्यों नहीं है? इसका समाधान भी चुनाव आयोग को करना चाहिए।

जब सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि वीवीपैट लगाओ, तो प्रथम दृष्टया सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया कि मशीनों में छेड़छाड़ की जा सकती है। दुनिया जिन देशों में ईवीएम मशीनों से चुनाव होना शुरू हुए थे अब वहां फिर से बैलेट पेपर से चुनाव होने लग गए हैं। हमारे देश में लोकतंत्र कैसे बचे, इसके लिए जो हो सके चुनाव आयोग को वह करना चाहिए। यह आयोग की बहुत बड़ी  जिम्मेदारी होती है, दुर्भाग्य से वो भी सरकार के दबाव में हैं। आज को इलेक्शन कमिश्नर बनते हैं, चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनते हैं, वो सब भाजपा के दबाव में बनते हैं। इस कारण वे सही फैसले नहीं कर पाते हैं, ये भी एक दुर्भाग्य की बात है। 

सवाल- संजय राउत ने कहा भाजपा को जिताने के लिए मायावती और ओवैसी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए?
जवाब- बिलकुल उनकी बात में दम है, जिस प्रकार से मायावती जी ने खेल खेला है, ये देश उनसे उम्मीद नहीं करता था। हमारे विचार उनसे नहीं मिलते होंगे, परंतु वो एक विचारधारा को रीप्रजेंट कर रही थीं। दलितों का उद्धार और डॉ. अंबेडकर की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कैसे हो? काशीराम जी मायावती को जो पूंजी सौंपकर गए थे, आज स्वर्ग के अंदर उन पर क्या बीत रहा होगा। बीएसपी को मायावती ने धोखा दिया है। उन्होंने अपनी पार्टी को खत्म करने के कीमत पर भाजपा को सपोर्ट कर दिया और  बर्बाद करने में नाम ले रहे हैं सपा का नाम ले रही हैं।

मायावती की क्या मजबूरी है यह तो शोध का विषय है। उन्होंने अपनी पार्टी को जिस रूप में खत्म किया है, इसे मैं आत्महत्या  मानता हूं। प्रियंका गांधी ने कम से कम देशवासियों को ये संदेश तो दिया कि लड़ाई लड़ी जा सकती है। चुनाव में हार-जीत अलग बात है, पर उन्होंने 403 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए। इसे मैं उनकी बहुत बड़ी उपलब्धि मानता हूं। इस माहौल के अंदर जहां पर 30 साल से कांग्रेस नहीं आ रही है, वहां पर आपने सब सीटों पर प्रत्याशी खड़े कर दिए। उन्होंने 40 फीसदी टिकट देकर चुनाव के अंदर जिस प्रकार का माहौल बनाया, उसका लोहा पूरा देश मान रहा है।  

सवाल- सीडब्ल्यूसी की बैठक के बारे में क्या कहेंगे?
जवाब- सीडब्ल्यूसी की बैठक सोनिया गांधी ने बुलाई है। बैठक में आगे कैसे बढ़ना है, नए सिरे से कैसे काम करना है और कहां हमारी कमी रही उसे दूर किया जाएगा। किस प्रकार से हम देशवासियों को विश्वास दिलाएं कि कांग्रेस आपके सुख-दुख में हमेशा खड़ी रहेगी, यह मेरा मानना है।  

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