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सीबीआई ने नागौर हिंसा के तीन साल पुराने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया
Sat, 27 Jun 2020 09:20 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: Rohit Ojha
Updated Sat, 27 Jun 2020 09:20 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : ani
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राजस्थान के नागौर जिले में एक मुठभेड़ में कथित अपराधी आनंदपाल सिंह की मौत के बाद संवरद गांव में हुई हिंसा के तीन साल पुराने मामले में सीबीआई ने 24 लोग के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
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अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सीबीआई ने शुक्रवार को जोधपुर की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। एजेंसी ने उसमें आरोप लगाया है कि मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी लोकेन्दर सिंह कल्वी ने लोगों से गांव में एकत्र होने और सिंह के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार करने की बात कही थी।
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सीबीआई ने आरोप लगाया है कि इसके आह्वान पर 12 जुलाई, 2017 को बड़ी संख्या में लोग संवरद गांव में जमा हो गए थे। सीबीआई प्रवक्ता आर.के. गौर ने कहा, ‘यह भी आरोप है कि उक्त आरोपी अपने समर्थकों के साथ संवरद तिहारा स्थित पुलिस नियंत्रण कक्ष में आया और प्रशासन को अपनी गैर-कानूनी मांगें मानने के लिए धमकी देने लगा।’ एजेंसी ने आरोप लगाया है कि उकसाने के बाद भीड़ ने पुलिस वाहनों पर पथराव किया जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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गौर ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों को एक मकान में कथित रूप से बंधक बना लिया गया और उनसे हथियार (9 एमएम की सर्विस पिस्तौल और गोलियां आदि सहित), मोबाइल फोन और अन्य चीजें छीन ली गईं। उन्होंने कहा, ‘यह भी आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने नागौर के पुलिस अधीक्षक के वाहन पर हमला किया, पुलिसकर्मियों को घायल किया और नागौर के एसपी के आधिकारिक वाहन को जला दिया।’
पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश सिंह को 24 जून की रात चुरू जिले के मालासार गांव में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने मार दिया था। वह 2015 में नागौर जिले की एक अदालत से अजमेर जेल लौटते वक्त पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। उसके परिवार के सदस्यों ने मुठभेड़ की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए 25 जून, 2017 को पोस्टमॉर्टम के बाद सिंह का शव लेने से इनकार कर दिया था। उन्होंने शव का फिर से पोस्टमॉर्टम कराने के लिए चुरू की अदालत में अर्जी भी दी थी।