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राजस्थान: कैग की रिपोर्ट ने मनरेगा पर उठाए कई गंभीर सवाल
भाषा, जयपुर
Updated Wed, 05 Sep 2018 09:40 PM IST
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राजस्थान में मनरेगा के कार्यान्वयन में गंभीर खामियों को रेखांकित करते हुए सरकारी अंकेक्षक कैग ने कहा है कि राज्य सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम में सभी स्तरों पर आयोजन गतिविधियां समय पर पूरी हों।
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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कैग ने स्थानीय निकायों पर अपनी दूसरी रपट में कहा कि मनरेगा के तहत राज्य में प्रत्येक परिवार को औसतन केवल 52.02 दिन का ही रोजगार मिला, जबकि कम से कम 100 दिन का रोजगार उन्हें दिया जाना था। कुल मिलाकर 15.82 प्रतिशत मस्टर रोल में हाजिरी शून्य रही और श्रमिकों की हाजिरी तक दैनिक आधार पर नहीं लगायी गई।
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यह रपट 31 मार्च 2017 के लिए है जिसे बुधवार को विधानसभा पटल पर रखा गया। यह रपट चुनिंदा जिलों में मनरेगा के कार्यान्वयन की आडिट पर आधारित है।
इसमें खुलासा किया गया है मनरेगा के तहत सालाना विकास योजना व श्रमिक बजट को समय पर मंजूरी नहीं दी गयी और ग्राम सभा में मंजूरी के लिए कोरम ही पूरा नहीं किया गया। मनरेगा के लिए घर घर सर्वे नहीं किए जाने को रेखांकित करते हुए इसमें कहा गया है कि जॉब कार्ड का नवीकरण नहीं किया गया और न ही श्रमिकों को उनके काम की प्राप्ति दी गयी।
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कुल मिलाकर आलोच्य साल में मनरेगा के तहत बने 37.05 प्रतिशत काम अधूरे पाए गए और निर्मित संपत्तियों में भी अनेक खामियां पायी गयीं। मनरेगा श्रमिकों को कार्यस्थल पर पेयजल के अलावा कोई सुविधा नहीं उपलब्ध नहीं कराए जाने को भी इस रपट में रेखांकित किया गया है। इसमें कहा गया है कि वेतन व सामग्री मद में बकाया राशि 704.37 करोड़ रुपये है।
इसके अनुसार बाकी बातों के अलावा राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक ही नियमित रूप से नहीं हुई और वह अपने दायित्वों को सही निर्वहन नहीं कर रही है।
इसमें राज्य सरकार को सलाह दी गयी है कि राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को अमली जामा पहनाए जाने के निम्न स्तर के कारणों का विश्लेषण करे और जरूरत पड़ने पर नीतिगत बदलावों पर भी विचार करे ताकि उपलब्ध संसाधनों से टिकाऊ आस्तियां सृजित की जा सकें।
इसके साथ ही कैग ने राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ग्राम पंचायत से लेकर जिले तक, सभी स्तरों पर योजना गतिविधियां समय पर पूरी हों ताकि भारत सरकार को सालाना विकास योजना व श्रम बजट बिना किसी देरी के दाखिल किए जा सकें।