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Bikaner News : मंडी में मूंगफली बम्पर आवक के बावजूद नहीं मिल रहा है उचित भाव, किसानों की चिंता बढ़ी
Sat, 09 Nov 2024 05:57 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 09 Nov 2024 05:57 PM IST
सार
मूंगफली की बम्पर आवक के बावजूद पर्याप्त भाव नहीं मिलने से किसानों के चेहरों की रौनक गायब हो गई है। समर्थन मूल्य और मंडी के भावों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। बीकानेर की मूंगफली मंडी एशिया की सबसे बड़ी मंडी मानी जाती है।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दीपावली के बाद से बीकानेर की मंडी मूंगफली की आवक से गुलजार हो गई है। इसे एशिया की सबसे बड़ी मूंगफली मंडी के रूप में जाना जाता है। इन दिनों में मूंगफली की 70 हजार बोरी की आवक हो रही है, जो कि आने वाले दिनों में एक लाख बोरी से ज्यादा होने का अनुमान है। हर वर्ष की तरह इस बार भी यहां मूंगफली की बम्पर आवक हो रही है लेकिन भावों में बनी कमी से किसानों के चेहरे की रौनक गायब हो गई है। समर्थन मूल्य और मंडी में मूंगफली के भावों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है।
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बीकानेर की मूंगफली मंडी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष स्थान है, जहां से मूंगफली का निर्यात पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और चाइना सहित योरपीय देशों में किया जाता है। पिछले साल की तुलना में इस बार मूंगफली के भावों में लगभग दो हजार रुपये की गिरावट आई है, जिससे किसान हताश हैं। भावों में आई इस गिरावट के कारण मंडी के भाव और सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बीच लगभग 18 सौ रुपये का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इससे किसानों को फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। अपनी मेहनत का उचित मूल्य न मिलने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं।
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मंडी व्यापारी जयदयाल डूडी ने बताया कि इस बार की फसल से उन्हें जो उम्मीद थी, वह भावों में आई इस कमी के कारण पूरी होती नहीं दिख रही है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वे मूंगफली के भाव स्थिर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं और एमएसपी के अंतर को कम करें। मंडी में मूंगफली की अधिक आवक और गिरते भाव किसानों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में भावों में स्थिरता आती है या नहीं, जिससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।
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