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राजस्थान: चिंकारा का शव छीनकर भागे लोग, हाईवे पर वनकर्मियों को घेरा; कोर्ट के आदेश पर 20 से ज्यादा पर केस

Tue, 08 Sep 2026 08:37 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर Published by: प्रतीक पांडेय Updated Tue, 08 Sep 2026 08:37 PM IST
सार

Rajasthan News: लूणकरणसर में वन विभाग की टीम से चिंकारा हिरण का शव जबरन ले जाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने अदालत के निर्देश पर 10 नामजद समेत 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर हाईवे पर वनकर्मियों का रास्ता रोकने और धक्का-मुक्की करने का भी आरोप है।

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lunkaransar chinkara deer carcass forest department government work obstruction bikaner police case
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अदालत के आदेश के बाद लूणकरणसर थाना पुलिस ने वन विभाग के संरक्षण से चिंकारा हिरण का शव जबरन ले जाने और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में 10 नामजद आरोपियों सहित 10 से 15 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह पूरा मामला 5 अगस्त को विश्वकर्मा मार्केट के पास का है, जहां वन विभाग की टीम को चिंकारा हिरण के घायल पड़े होने की सूचना मिली थी। टीम के मौके पर पहुंचने तक हिरण की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और नियमानुसार पोस्टमार्टम कराने की तैयारी शुरू कर दी।
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वन विभाग से जबरन छीना चिंकारा का शव
इसी दौरान मौके पर नरेश कुमार, रिंकू गोदारा, मोनू जालप, प्रेम कुमार विश्नोई, भजनलाल विश्नोई, नरेश विश्नोई उर्फ नरेंद्र, प्रेमनाथ, प्रेम विश्नोई, राजू कायल और राकेश मुंड समेत 10 से 15 अन्य लोग एकत्र हो गए। आरोप है कि इन लोगों ने वन विभाग की टीम के कब्जे से चिंकारा का शव जबरन छीन लिया और मौके पर ही पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
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पोस्टमार्टम की तैयारी पूरी होने से पहले पिकअप में शव लेकर भागे
वन विभाग ने तत्काल पुलिस और प्रशासन के सहयोग से सरकारी पशु अस्पताल से मेडिकल बोर्ड बुलाकर मौके पर ही पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था कराई। हालांकि, व्यवस्था पूरी होने से पहले ही आरोपी शव को बिना नंबर प्लेट वाली एक पिकअप गाड़ी में डालकर बीकानेर की तरफ भाग निकले। इसके बाद वन विभाग की टीम ने आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया।
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हाईवे पर वनकर्मियों का रास्ता रोका, धक्का-मुक्की का आरोप
वन विभाग की टीम ने जब आरोपियों का पीछा किया तो आरोप है कि सुरनाणा फांटे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर आरोपियों ने टीम का रास्ता रोक लिया। वहां वन विभाग के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की करने और मौके पर मौजूद उदाणा निवासी हरीराम सांसी के साथ मारपीट का प्रयास करने का आरोप है। इस दौरान सरकारी काम में गंभीर रूप से बाधा पहुंचाने और चिंकारा के शव से जुड़े जरूरी साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

थाने में सुनवाई नहीं हुई तो वन अधिकारी पहुंचे अदालत
घटना के बाद वन विभाग ने 6 अगस्त को लूणकरणसर थाने में लिखित शिकायत दी थी। पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर 11 अगस्त को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बीकानेर को पंजीकृत डाक के जरिये शिकायत भेजी गई। इसके बावजूद मामला दर्ज नहीं होने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहनी ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में इस्तगासा दायर किया।


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कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला, जांच शुरू
अदालत के निर्देश के बाद लूणकरणसर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब नामजद आरोपियों के साथ ही 10 से 15 अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही चिंकारा के शव को ले जाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कथित तौर पर साक्ष्यों को नष्ट करने के प्रयास से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
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