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कुशलगढ़ में क्या हैट्रिक लगा पाएगी बीजेपी?: परतापुर-गढ़ी में BAP और निर्दलीयों ने बिगाड़ा खेल, जमकर पड़े वोट
Fri, 11 Sep 2026 01:14 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:14 PM IST
सार
बांसवाड़ा जिले की परतापुर-गढ़ी और कुशलगढ़ नगरपालिका में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के तहत मतदान जारी है। सुबह 10 बजे तक कुशलगढ़ में 13.95 प्रतिशत और परतापुर-गढ़ी में 20.75 प्रतिशत मतदान हुआ। दोनों निकायों में भाजपा और कांग्रेस के सामने भारत आदिवासी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशियों की चुनौती है।
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कुशलगढ़ में मतदान के लिए पहुंची वृद्ध महिला
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को बांसवाड़ा जिले की परतापुर-गढ़ी और कुशलगढ़ में मतदान हो रहा है। सुबह 10 बजे तक कुशलगढ़ में 13.95 प्रतिशत और परतापुर-गढ़ी में 20.75 प्रतिशत वोट डाले गए हैं। दोनों ही निकायों में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को भारत आदिवासी पार्टी (बाप) और निर्दलीयों से जूझना पड़ रहा है। कुशलगढ़ में अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग और परतापुर-गढ़ी में अनारक्षित है।
परतापुर-गढ़ी में दूसरी बार हो रहे चुनाव
परतापुर-गढ़ी नगरपालिका के लिए दूसरी बार चुनाव हो रहे हैं। यहां कुल 112 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 13 निर्दलीय महिलाओं सहित 33 महिलाएं हैं। कुल 19,330 मतदाताओं में से 9,625 पुरुष और 9,704 महिला मतदाता हैं। एक मतदाता ट्रांसजेंडर है। पिछली बार यहां भाजपा का बोर्ड था।
51 निर्दलीय मैदान में
25 वार्डों में फैले इस नगरपालिका क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के साथ ही 11 सीटों पर तीसरे मोर्चे के रूप में बाप चुनाव मैदान में है। 20 वार्डों में 51 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। गत बार 25 में से भाजपा को 11 और कांग्रेस को 10 सीटें मिली थीं। चार निर्दलीय जीते थे, जिनके सहयोग से भाजपा ने बोर्ड बनाया था।
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विधायक की प्रतिष्ठा दांव पर
जिले में एकमात्र गढ़ी विधानसभा सीट पर ही भाजपा का विधायक है और यहां दूसरी बार चुनाव हो रहे हैं। इस पालिका पर कब्जा बनाए रखने के लिए भाजपा को कांग्रेस, बाप और निर्दलीयों की चुनौती से पार पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। साथ ही विधायक कैलाश मीणा की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। कांग्रेस ने यहां पूर्व मंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीया को प्रभारी बनाया है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान निकाय चुनाव: वोटिंग को लेकर कई जगह विवाद, जयपुर में बूथ पर हंगामा तो बाड़मेर में मारपीट
कुशलगढ़ में क्या हैट्रिक लगा पाएगी भाजपा?
कुशलगढ़ नगरपालिका में 20 वार्ड हैं। गत दो चुनाव से भाजपा बोर्ड बना रही है और इस बार हैट्रिक लगाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। पिछले चुनाव में भाजपा ने 15, कांग्रेस ने 2 और निर्दलीय ने 3 सीटों पर कब्जा जमाया था। इस बार कांग्रेस मुकाबला एकतरफा नहीं होने देने के लिए पूरा जोर लगा रही है। कुशलगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस की रमीला खड़िया दो बार विधायक चुनी जा चुकी हैं, किंतु पालिका पर कब्जा नहीं है। ऐसे में उनके लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय है। यहां 8,867 मतदाताओं में से 4,269 पुरुष और 4,595 महिला मतदाता हैं। तीन मतदाता ट्रांसजेंडर हैं। पालिका के वार्ड 20 में कड़ा मुकाबला है। भाजपा प्रत्याशी के साथ पार्टी के बागी पूर्व पार्षद के साथ ही दो बार भाजपा से चुनाव जीत चुके पार्षद कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में खड़े हैं, जिससे मुकाबला रोचक होने की संभावना है।
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परतापुर-गढ़ी में दूसरी बार हो रहे चुनाव
परतापुर-गढ़ी नगरपालिका के लिए दूसरी बार चुनाव हो रहे हैं। यहां कुल 112 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 13 निर्दलीय महिलाओं सहित 33 महिलाएं हैं। कुल 19,330 मतदाताओं में से 9,625 पुरुष और 9,704 महिला मतदाता हैं। एक मतदाता ट्रांसजेंडर है। पिछली बार यहां भाजपा का बोर्ड था।
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51 निर्दलीय मैदान में
25 वार्डों में फैले इस नगरपालिका क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के साथ ही 11 सीटों पर तीसरे मोर्चे के रूप में बाप चुनाव मैदान में है। 20 वार्डों में 51 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। गत बार 25 में से भाजपा को 11 और कांग्रेस को 10 सीटें मिली थीं। चार निर्दलीय जीते थे, जिनके सहयोग से भाजपा ने बोर्ड बनाया था।
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विधायक की प्रतिष्ठा दांव पर
जिले में एकमात्र गढ़ी विधानसभा सीट पर ही भाजपा का विधायक है और यहां दूसरी बार चुनाव हो रहे हैं। इस पालिका पर कब्जा बनाए रखने के लिए भाजपा को कांग्रेस, बाप और निर्दलीयों की चुनौती से पार पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। साथ ही विधायक कैलाश मीणा की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। कांग्रेस ने यहां पूर्व मंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीया को प्रभारी बनाया है।
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कुशलगढ़ में क्या हैट्रिक लगा पाएगी भाजपा?
कुशलगढ़ नगरपालिका में 20 वार्ड हैं। गत दो चुनाव से भाजपा बोर्ड बना रही है और इस बार हैट्रिक लगाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। पिछले चुनाव में भाजपा ने 15, कांग्रेस ने 2 और निर्दलीय ने 3 सीटों पर कब्जा जमाया था। इस बार कांग्रेस मुकाबला एकतरफा नहीं होने देने के लिए पूरा जोर लगा रही है। कुशलगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस की रमीला खड़िया दो बार विधायक चुनी जा चुकी हैं, किंतु पालिका पर कब्जा नहीं है। ऐसे में उनके लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय है। यहां 8,867 मतदाताओं में से 4,269 पुरुष और 4,595 महिला मतदाता हैं। तीन मतदाता ट्रांसजेंडर हैं। पालिका के वार्ड 20 में कड़ा मुकाबला है। भाजपा प्रत्याशी के साथ पार्टी के बागी पूर्व पार्षद के साथ ही दो बार भाजपा से चुनाव जीत चुके पार्षद कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में खड़े हैं, जिससे मुकाबला रोचक होने की संभावना है।