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राजस्थान: रामदेवरा मेले में 600 किलो संदिग्ध मावा पकड़ा, सप्लाई से पहले नष्ट कराया; सैंपल जांच को भेजे जाएंगे
Sun, 13 Sep 2026 06:52 PM IST
बालोतरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: बालोतरा ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 06:52 PM IST
सार
Rajasthan News: रामदेवरा मेले में श्रद्धालुओं तक संदिग्ध खाद्य सामग्री पहुंचने से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने दो वाहनों से करीब 600 किलो मावा पकड़ा और नियमानुसार नमूने लिए। मावे को नष्ट कर दिया गया है। नमूने जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे।
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दो वाहनों से 600 किलो संदिग्ध मावा पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र रामदेवरा मेले में खाद्य सामग्री के नाम पर स्वास्थ्य से खिलवाड़ की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने मेले में सप्लाई के लिए पहुंच रहे करीब 600 किलोग्राम संदिग्ध मावे को एंट्री पॉइंट पर ही पकड़ लिया। यह मावा दो अलग-अलग वाहनों के जरिए मेले में पहुंचाया जा रहा था।
दो वाहनों को रोककर हुई जांच
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों वाहनों को रोककर उनमें रखी खाद्य सामग्री की जांच की। जांच में भारी मात्रा में मावा मिला, जिसे मेले में विभिन्न स्थानों पर सप्लाई किया जाना था। विभाग की टीम ने मौके पर ही मावे की गुणवत्ता और उसके परिवहन को लेकर जांच शुरू की।
100 रुपये किलो में बेचने की बात
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई पूछताछ के दौरान मावा करीब 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाना बताया गया। बड़ी मात्रा में कम कीमत पर मावे की सप्लाई किए जाने को लेकर विभाग ने गंभीरता से जांच की और नियमानुसार इसकी सैंपलिंग की कार्रवाई की।
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अधिकारियों ने मौके से मावे के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया। नमूनों को अब खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां वैज्ञानिक परीक्षण के बाद मावे की गुणवत्ता और उसमें किसी प्रकार की मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सप्लाई से पहले 600 किलो मावा नष्ट
खाद्य सुरक्षा टीम ने कार्रवाई के दौरान करीब 600 किलोग्राम मावे को मेले में सप्लाई होने से पहले ही नष्ट करवा दिया। विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी वाले मेले में संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एंट्री पॉइंट पर ही सप्लाई चेन पर नजर
रामदेवरा मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की खपत भी काफी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानों और प्रतिष्ठानों के साथ-साथ खाद्य सामग्री की सप्लाई चेन पर भी निगरानी बढ़ा दी है।
विभाग की टीम अब केवल मेले में संचालित दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य सामग्री लेकर आने वाले वाहनों की भी जांच की जा रही है। एंट्री पॉइंट पर की गई यह कार्रवाई इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, ताकि संदिग्ध या मिलावटी खाद्य सामग्री बाजार और दुकानों तक पहुंचने से पहले ही रोकी जा सके।
आयुक्त और सीएमएचओ के निर्देश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुरलीधर सोनी के निर्देशानुसार की गई। विभाग की टीम ने मेले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी अभियान चलाया हुआ है। कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा, कीर्तिपाल सिंह भाटी एवं गणेशाराम सुथार की टीम ने अंजाम दिया।
मिलावट करने वालों पर होगी सख्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि रामदेवरा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि नमूनों में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी खामी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री की जांच, सैंपलिंग और सप्लाई पर निगरानी का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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दो वाहनों को रोककर हुई जांच
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों वाहनों को रोककर उनमें रखी खाद्य सामग्री की जांच की। जांच में भारी मात्रा में मावा मिला, जिसे मेले में विभिन्न स्थानों पर सप्लाई किया जाना था। विभाग की टीम ने मौके पर ही मावे की गुणवत्ता और उसके परिवहन को लेकर जांच शुरू की।
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100 रुपये किलो में बेचने की बात
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई पूछताछ के दौरान मावा करीब 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाना बताया गया। बड़ी मात्रा में कम कीमत पर मावे की सप्लाई किए जाने को लेकर विभाग ने गंभीरता से जांच की और नियमानुसार इसकी सैंपलिंग की कार्रवाई की।
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अधिकारियों ने मौके से मावे के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया। नमूनों को अब खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां वैज्ञानिक परीक्षण के बाद मावे की गुणवत्ता और उसमें किसी प्रकार की मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सप्लाई से पहले 600 किलो मावा नष्ट
खाद्य सुरक्षा टीम ने कार्रवाई के दौरान करीब 600 किलोग्राम मावे को मेले में सप्लाई होने से पहले ही नष्ट करवा दिया। विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी वाले मेले में संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एंट्री पॉइंट पर ही सप्लाई चेन पर नजर
रामदेवरा मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की खपत भी काफी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानों और प्रतिष्ठानों के साथ-साथ खाद्य सामग्री की सप्लाई चेन पर भी निगरानी बढ़ा दी है।
विभाग की टीम अब केवल मेले में संचालित दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य सामग्री लेकर आने वाले वाहनों की भी जांच की जा रही है। एंट्री पॉइंट पर की गई यह कार्रवाई इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, ताकि संदिग्ध या मिलावटी खाद्य सामग्री बाजार और दुकानों तक पहुंचने से पहले ही रोकी जा सके।
आयुक्त और सीएमएचओ के निर्देश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुरलीधर सोनी के निर्देशानुसार की गई। विभाग की टीम ने मेले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी अभियान चलाया हुआ है। कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा, कीर्तिपाल सिंह भाटी एवं गणेशाराम सुथार की टीम ने अंजाम दिया।
मिलावट करने वालों पर होगी सख्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि रामदेवरा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि नमूनों में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी खामी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री की जांच, सैंपलिंग और सप्लाई पर निगरानी का अभियान आगे भी जारी रहेगा।