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Alwar News: एफआईआर के जांच अधिकारी ने मांगी रिश्वत, कोतवाली थाने का एएसआई 1.30 हजार लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
Thu, 16 Oct 2025 08:30 AM IST
अलवर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: अलवर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 08:30 AM IST
सार
थाने में दर्ज एफआईआर के जांच अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने कोतवाली थाने के सहायक उपनिरीक्षक को रंगे हाथों हिरासत में लिया है।
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गिरफ्तार रिश्वतखोर और दलाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अलवर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने कोतवाली थाने के सहायक उपनिरीक्षक कन्हैयालाल और उसके दलाल मजलिस को 1 लाख 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
महानिदेशक एसीबी श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार शिकायत मिली थी कि परिवादी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में अनुसंधान अधिकारी कन्हैयालाल अपने दलाल के माध्यम से 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर परिवादी को परेशान कर रहा था।
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14 अक्टूबर को शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें दलाल ने आरोपी की उपस्थिति में 1,30,000 रुपये की मांग की और परिवादी से लेने का प्रयास किया। इसके बाद 15 अक्टूबर को एसीबी अलवर प्रथम ने ट्रेप कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। रिश्वत की राशि आरोपी के अनुसंधान कक्ष में रखी टेबल की दराज से बरामद की गई।
एसीबी अलवर प्रथम ने राजेश सिंह, उप महानिरीक्षक पुलिस प्रथम के सुपरविजन और प्रभारी महेंद्र कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी से पूछताछ और कार्रवाई अभी जारी है। एसीबी ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे अनुसंधान शुरू कर दिया है।
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महानिदेशक एसीबी श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार शिकायत मिली थी कि परिवादी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में अनुसंधान अधिकारी कन्हैयालाल अपने दलाल के माध्यम से 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर परिवादी को परेशान कर रहा था।
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14 अक्टूबर को शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें दलाल ने आरोपी की उपस्थिति में 1,30,000 रुपये की मांग की और परिवादी से लेने का प्रयास किया। इसके बाद 15 अक्टूबर को एसीबी अलवर प्रथम ने ट्रेप कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। रिश्वत की राशि आरोपी के अनुसंधान कक्ष में रखी टेबल की दराज से बरामद की गई।
एसीबी अलवर प्रथम ने राजेश सिंह, उप महानिरीक्षक पुलिस प्रथम के सुपरविजन और प्रभारी महेंद्र कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी से पूछताछ और कार्रवाई अभी जारी है। एसीबी ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे अनुसंधान शुरू कर दिया है।