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दो की उम्र में शादी, 13 में विधवा, एक रुला देने वाली कहानी

Mon, 15 Jun 2015 12:58 PM IST
Updated Mon, 15 Jun 2015 12:58 PM IST
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A painful story of tonk bus tragedy in rajasthan

मात्र 13 साल की सोहनी देवी को इस कम उम्र में ही दुनिया के सबसे बड़े दुख का सामना करना पड़ रहा है। जिस उम्र में उसके साथ की लड़कियां खेलती कूदती और स्कूल जाती हैं उस उम्र में सोहनी देवी के नाम पर विधवा होने का तमगा लग गया है।

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सोहनी देवी ने अपने पति सुखरम गुर्जर को टोंक बस हादसे में खो दिया। जहां बारात की एक चलती बस के ऊपर बिजली का तार गिर जाने के कारण 16 लोगों की मौत हो गई थी।
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अंग्रेजी अबखार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार इन्हीं मरने वालों में 15 साल का सुखरम गुर्जर भी था। जो बारात में शामिल होकर बाकी लोगों के साथ वापस लौट रहा था। इस हादसे के बाद उसकी पत्नी सोहनी देवी की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है।
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पति के क्रियाकर्म के लिए छोड़ना पड़ा पिता का घर

A painful story of tonk bus tragedy in rajasthan

अभी तक अपने माता पिता के घर में उनके साथ रहने वाली सोहनी देवी को अपने पति के अंतिम क्रियाकर्म के लिए उसके ससुराल पचेवर लाया गया है। यहां वह अपनी उम्र के बच्चों के रोज के कामकाजों से अलग समाज के रीति रिवाजों और पंरपराओं का निर्वहन कर रही है।

बछेडा गांव के सरपंच रामदेव गुर्जर याद करते हुए कहते हैं कि मुझे अच्छी तरह वो दिन याद है, जब उसके माता पिता ने उसे उसके पति के साथ अग्नि के सात फेरे लगवाए थे, उस समय उसकी उम्र मात्र दो वर्ष थी।

सोहनी देवी नजदीक के छांवडिया गांव में रहती है उसने कुछ दिन पहले ही स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। उसके गांव वाले बताते हैं कि जब उसे पचेवर लाया गया तभी से वह रो रोकर बेहाल है। जिस घर में उसे कुछ दिन बाद अपने पति के साथ रहना था आज वह वहां उसकी विधवा के तौर पर रहेगी।

राजस्‍थान के गांवों में ये आम बात

A painful story of tonk bus tragedy in rajasthan

उसके पति सुखीराम के बारे में गांव वाले बताते हैं कि उसने भी कुछ दिन पहले अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी ताकि वो खेतीबाड़ी में अपने घरवालों का हाथ बंटा सके। सुखीराम की मौत के बाद उसके गांव वाले भी सोहनी देवी के दर्द को समझते हैं।

एक ग्रामीण कहते हैं कि अभी अपने जीवन में आई इस आपदा को समझने के‌ लिए काफी छोटी है। बच्चों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले रवि शर्मा बताते हैं कि बेशक ये घटना सोहनी देवी के साथ हुई हो लेकिन राजस्‍थान में ये आम बात हैं।

जहां बच्चियों को काफी कम उम्र में ब्याह दिया जाता है और फिर उन्हें कई बार इस तरह की घटनाओं से जूझना पड़ता है।

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