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राजस्थान: हॉस्पिटैलिटी कारोबार में 50 प्रतिशत साझेदारी का झांसा देकर 35 लाख की ठगी, अब जान से मारने की धमकी
Sun, 20 Sep 2026 07:25 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 20 Sep 2026 07:25 PM IST
सार
राजधानी जयपुर में हॉस्पिटैलिटी व्यवसाय में 50 प्रतिशत की साझेदारी देने का लालच देकर एक व्यक्ति से 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित को व्यवसाय में भारी मुनाफे का आश्वासन देकर दो वर्ष के दौरान किस्तों में यह राशि ऐंठ ली।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी जयपुर में हॉस्पिटैलिटी व्यवसाय में 50 प्रतिशत की साझेदारी देने का लालच देकर एक व्यक्ति से 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ित को व्यवसाय में भारी मुनाफे का आश्वासन देकर दो वर्ष के दौरान किस्तों में यह राशि ऐंठ ली। पैसा वापस मांगा, तो आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
श्याम नगर स्थित बाहुबली पथ के निवासी उदित गौर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के अनुसार वर्ष, 2021 में उनकी मुलाकात अनिल कॉल, आभा, आदित्य, अरुण और दीक्ष सहित कुछ अन्य लोगों से हुई थी। इन लोगों ने पीड़ित को 'एक.के. हॉस्पिटैलिटी' नामक व्यवसाय में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने दावा किया कि निवेश करने पर पीड़ित को व्यवसाय में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी दी जाएगी और इसके साथ ही होने वाले मुनाफे में भी बराबर का भागीदार बनाया जाएगा। पीड़ित उदित गौर आरोपियों के इस झांसे में आ गए और उनके साथ व्यापार करने के लिए राजी हो गए।
दो वर्ष में ऐंठे लाखों रुपये
झांसे में आने के बाद पीड़ित ने वर्ष 2021 से वर्ष 2023 के बीच आरोपियों को अलग-अलग माध्यमों से कुल 35 लाख रुपये दे दिए। इसमें से लगभग 30.31 लाख रुपये बैंक खातों के जरिये स्थानांतरित किए गए, जबकि 4.50 लाख रुपये नकद दिए गए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब व्यवसाय से कोई लाभ नहीं मिला, तो पीड़ित ने अपनी साझेदारी और मुनाफे के बारे में सवाल पूछे। आरोपी लगातार बात को टालते रहे और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। पीड़ित ने जब साझेदारी के कानूनी दस्तावेज तैयार करने और व्यावसायिक लेनदेन की लिखा-पढ़ी करने का दबाव बनाया, तब भी आरोपियों ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया।
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जान से मारने की मिली धमकी
काफी समय तक टालमटोल की नीति देखने के बाद पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। जब पीड़ित ने आरोपियों से अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो आरोपियों ने रुपये लौटाने से साफ मना कर दिया। साथ ही, आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी। परेशान होकर पीड़ित श्याम नगर थाने पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई। हेड कांस्टेबल कैलाश चंद कुमावत ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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श्याम नगर स्थित बाहुबली पथ के निवासी उदित गौर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के अनुसार वर्ष, 2021 में उनकी मुलाकात अनिल कॉल, आभा, आदित्य, अरुण और दीक्ष सहित कुछ अन्य लोगों से हुई थी। इन लोगों ने पीड़ित को 'एक.के. हॉस्पिटैलिटी' नामक व्यवसाय में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने दावा किया कि निवेश करने पर पीड़ित को व्यवसाय में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी दी जाएगी और इसके साथ ही होने वाले मुनाफे में भी बराबर का भागीदार बनाया जाएगा। पीड़ित उदित गौर आरोपियों के इस झांसे में आ गए और उनके साथ व्यापार करने के लिए राजी हो गए।
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दो वर्ष में ऐंठे लाखों रुपये
झांसे में आने के बाद पीड़ित ने वर्ष 2021 से वर्ष 2023 के बीच आरोपियों को अलग-अलग माध्यमों से कुल 35 लाख रुपये दे दिए। इसमें से लगभग 30.31 लाख रुपये बैंक खातों के जरिये स्थानांतरित किए गए, जबकि 4.50 लाख रुपये नकद दिए गए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब व्यवसाय से कोई लाभ नहीं मिला, तो पीड़ित ने अपनी साझेदारी और मुनाफे के बारे में सवाल पूछे। आरोपी लगातार बात को टालते रहे और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। पीड़ित ने जब साझेदारी के कानूनी दस्तावेज तैयार करने और व्यावसायिक लेनदेन की लिखा-पढ़ी करने का दबाव बनाया, तब भी आरोपियों ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया।
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जान से मारने की मिली धमकी
काफी समय तक टालमटोल की नीति देखने के बाद पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। जब पीड़ित ने आरोपियों से अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो आरोपियों ने रुपये लौटाने से साफ मना कर दिया। साथ ही, आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी। परेशान होकर पीड़ित श्याम नगर थाने पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई। हेड कांस्टेबल कैलाश चंद कुमावत ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।