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पंजाब के उद्योगपतियों के लिए अच्छी खबर
चंडीगढ़/अमर उजाला
Updated Wed, 23 Oct 2013 02:23 AM IST
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पंजाब के उद्योगपतियों के वैट रिफंड मामलों के स्थायी हल के लिए पंजाब सरकार द्वारा विशेष रिफंड फंड बनाने के लिए मंजूरी दी गई है।
यह फंड, द पंजाब वैट रिफंड फंड होगा, जिसका संचालन कराधान एवं आबकारी विभाग करेगा। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को दी।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा एडवांस टैक्स द्वारा एकत्र कराधान इस फंड में जाएगा, जिसका प्रयोग वैट रिफंड के लिए किया जाएगा। यदि माह के अंत के दौरान वैट रिफंड करके इस फंड में राशि बचती है तो वह राज्य के संचित निधि फंड में जाएगी।
उन्होंने कहा कि अनुमान है कि राज्य में प्रति माह 200 करोड़ रुपये एडवांस टैक्स के रूप में एकत्र होगा, जबकि प्रत्येक माह 100 करोड़ रुपये वैट रिफंड के रूप में होने की उम्मीद है।
इस फंड के कायम होने से वैट रिफंड के लिए पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी।
विभाग के अनुसार वर्तमान समय में 300 करोड़ रुपये का वैट रिफंड होना शेष है, जो कि इस फंड के बाद आगामी तीन माह के दौरान कर दिया जाएगा।
इसी दौरान एसीटीसी द्वारा उद्योगपति का बैंक खाता भी सरकारी रिकार्ड में भरा जाएगा, जिससे एईटीसी द्वारा वैट रिफंड की अदायगी सीधे उद्योगपतियों के खाते में चली जाएगी।
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उन्होंने कहा कि इससे उद्योगपतियों को वैट रिफंड के लिए खजाने से संपर्क करने की जरूरत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि वैट एक्ट में आवश्यक संशोधन आगामी विधानसभा सत्र के दौरान कर दिए जाएंगे एवं 15 नवंबर तक सभी व्यवस्था को नया रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने साथ ही बताया कि गत सप्ताह ही वैट रिफंड के लिए 75 करोड़ जारी किये गए हैं।
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यह फंड, द पंजाब वैट रिफंड फंड होगा, जिसका संचालन कराधान एवं आबकारी विभाग करेगा। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को दी।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा एडवांस टैक्स द्वारा एकत्र कराधान इस फंड में जाएगा, जिसका प्रयोग वैट रिफंड के लिए किया जाएगा। यदि माह के अंत के दौरान वैट रिफंड करके इस फंड में राशि बचती है तो वह राज्य के संचित निधि फंड में जाएगी।
उन्होंने कहा कि अनुमान है कि राज्य में प्रति माह 200 करोड़ रुपये एडवांस टैक्स के रूप में एकत्र होगा, जबकि प्रत्येक माह 100 करोड़ रुपये वैट रिफंड के रूप में होने की उम्मीद है।
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इस फंड के कायम होने से वैट रिफंड के लिए पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी।
विभाग के अनुसार वर्तमान समय में 300 करोड़ रुपये का वैट रिफंड होना शेष है, जो कि इस फंड के बाद आगामी तीन माह के दौरान कर दिया जाएगा।
इसी दौरान एसीटीसी द्वारा उद्योगपति का बैंक खाता भी सरकारी रिकार्ड में भरा जाएगा, जिससे एईटीसी द्वारा वैट रिफंड की अदायगी सीधे उद्योगपतियों के खाते में चली जाएगी।
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उन्होंने कहा कि इससे उद्योगपतियों को वैट रिफंड के लिए खजाने से संपर्क करने की जरूरत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि वैट एक्ट में आवश्यक संशोधन आगामी विधानसभा सत्र के दौरान कर दिए जाएंगे एवं 15 नवंबर तक सभी व्यवस्था को नया रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने साथ ही बताया कि गत सप्ताह ही वैट रिफंड के लिए 75 करोड़ जारी किये गए हैं।