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Punjab: होशियारपुर के गांव में बिना गार्ड का रेलवे क्रासिंग, सरपंच ने खुद संभाली गेटमैन की अनाैपचारिक ड्यूटी
Sat, 25 Apr 2026 10:20 AM IST
Nivedita
अजायब सिंह बोपाराय, संवाद, गढ़शंकर
अजायब सिंह बोपाराय, संवाद, गढ़शंकर
Published by: Nivedita
Updated Sat, 25 Apr 2026 10:20 AM IST
सार
सरपंच गुरदेव सिंह ने कहा कि हमने कई बार अधिकारियों से इस मामले में मदद मांगी है, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला।
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सरपंच गुरदेव सिंह निभा रहे गेटमैन की जिम्मेदारी
- फोटो : संवाद
विस्तार
गढ़शंकर के गांव बसियाला के सरपंच गुरदेव सिंह बिना गार्ड वाले रेलवे क्रॉसिंग पर एक अनौपचारिक गेटमैन की भूमिका निभा रहे हैं। सरपंच गुरदेव सिंह खुद मोर्चा संभालते हुए फाटक खोलते और बंद करते हैं। रेलवे विभाग ने अब तक फाटक पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं किया है, जिसके कारण सरपंच को यह जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है। इस स्थिति के चलते गांववासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
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सरपंच गुरदेव सिंह ने कहा कि मुझे डर है कि कभी भी किसी बड़े हादसे का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे फाटक पर कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण मुझे खुद फाटक खोलने और बंद करने का काम करना पड़ता है। हमने कई बार अधिकारियों से इस मामले में मदद मांगी है, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला।
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हमें एक रास्ता यहां से रेलवे ने दिया है जो नवांशहर के गांव मुबारिकपुर में निकलता है। जबकि हमारे गांव बसियाला व रसूलपुर गढ़शंकर में पड़ते है। इसके अलावा यह रास्ता दोपहर और शाम के समय महिलाओं के अकेले आने जाने के लिए तो खतरनाक है। गन्ने की ट्रॉलियां भी इस रास्ते से नहीं निकल सकती। गांव वासियों के फाटक पर पहले एक व्यक्ति दस हजार सैलरी पर रखा था। वह भी काम छोड़ गया। उसके बाद से मैं खुद ही फाटक खोलने बंद करने का काम करता हूं।
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गांववासियों का कहना है कि यह रास्ता महिलाओं और बच्चों के लिए भी खतरनाक हो सकता है, खासकर जब वे अकेले इस रास्ते से गुजरती हैं। गांववासियों ने बार-बार विभिन्न नेताओं और अधिकारियों को ज्ञापन देकर रेलवे से इस फाटक पर कर्मचारी तैनात करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पहले रेलवे ने इस रास्ते को बंद कर दिया था, लेकिन गांववासियों के संघर्ष के बाद इसे फिर से खोला गया। हालांकि, फाटक पर कर्मचारियों की तैनाती अभी तक नहीं की गई है।
पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने हाल ही में केंद्रीय राज्य रेलवे मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से मिलकर इस समस्या का समाधान करने की अपील की थी। बिट्टू ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी और एक टीम भेजकर कर्मचारी तैनात किया जाएगा।
गांववासियों की मांग है कि रेलवे विभाग शीघ्र इस समस्या का समाधान करें और फाटक पर सुरक्षा के लिए कर्मचारी तैनात करें, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।