{"_id":"69c1cf0730d05724bd0b5895","slug":"two-debt-ridden-farmer-brothers-committed-suicide-by-jumping-in-front-of-a-train-in-punjab-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: कर्ज से दबे दो किसान भाइयों ने की खुदकुशी, कई दिनों से तनाव में थे दोनों, 25 लाख की चुका दी थी देनदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: कर्ज से दबे दो किसान भाइयों ने की खुदकुशी, कई दिनों से तनाव में थे दोनों, 25 लाख की चुका दी थी देनदारी
Tue, 24 Mar 2026 05:11 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कोटकपूरा
अमर उजाला नेटवर्क, कोटकपूरा
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 05:11 AM IST
सार
पंजाब के फरीदकोट जिले में कर्ज से परेशान दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। हरीनौ गांव के किसान जसकरण सिंह (38) और उसके छोटे भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा (34) सोमवार को गांव ढाब ब्राह्मण वाला के पास सुबह एक-दूसरे का हाथ थामकर छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के आगे कूद गए।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के फरीदकोट जिले में कर्ज से परेशान दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। हरीनौ गांव के किसान जसकरण सिंह (38) और उसके छोटे भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा (34) सोमवार को गांव ढाब ब्राह्मण वाला के पास सुबह एक-दूसरे का हाथ थामकर छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के आगे कूद गए।
विज्ञापन
बलवीर सिंह की आठ संतानों में छह बेटियों के बाद ये दोनों बेटे पैदा हुए थे। परिवार के पास एक एकड़ से भी कम जमीन थी। दोनों भाई खेती के लिए ठेके पर जमीन लेकर गुजर-बसर कर रहे थे। दोनों की शादियां हो चुकी थीं। लगातार फसल खराब होने और बहनों की शादियों के चलते उन पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। तीन महीने पहले उन्होंने चार मरला जमीन बेचकर 25 लाख रुपये का कर्ज चुका दिया था, लेकिन अब भी 25 लाख रुपये बकाया थे। इसके अलावा नौ महीने पहले खरीदे गए ट्रैक्टर की किस्तें भी चल रही थीं। इसी बीच, उनकी उम्मीद का सहारा रही आलू की फसल खराब हो गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से दोनों भाई परेशान थे और किसी से ज्यादा बात नहीं कर रहे थे। जसकरण अपने पीछे पत्नी और 6 साल की बेटी और जसविंदर पत्नी और 4 साल की बेटी को छोड़ गए। उनके बुजुर्ग माता-पिता भी बेसहारा हो गए हैं। गांव की गुरुद्वारा कमेटी ने परिवार का कर्ज माफ करने व किसान संगठनों ने पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन