मान के मंत्री का विरोध: मोगा के तहसीलदारों ने ब्रह्म शंकर जिंपा के खिलाफ डीसी को दी शिकायत, पक्षपात का लगाया आरोप
तहसीलदारों ने डीसी कुलवंत सिंह को दिए शिकायत पत्र में कैबिनेट मंत्री पर पक्षपात का लगाया है। उन्होंने इस मामले को सीएम भगवंत मान के समक्ष रखने की अपील की है।
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पंजाब के राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा का विरोध होने लगा है। जिंपा के खिलाफ मोगा के तहसीलदारों ने डीसी को शिकायत दी है। कैबिनेट मंत्री कॉमर्शियल जगह को रिकॉर्ड में आवासीय दिखाकर रजिस्ट्रियों में धांधली संबंधी शिकायत पर जांच करने पहुंचे थे।
तहसीलदारों ने डीसी कुलवंत सिंह को दिए शिकायत पत्र में कैबिनेट मंत्री पर पक्षपात का लगाया है। उन्होंने इस मामले को सीएम भगवंत मान के समक्ष रखने की अपील की है। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी की शिकायत मंत्री को दी थी। शिकायत में बताया था कि शहर में कॉमर्शियल जगह को आवासीय बताकर हेराफेरी की गई है। इस मामले में डीसी कुलवंत सिंह पहले ही एसडीएम से रिपोर्ट मांग चुके थे, लेकिन एसडीएम मोगा सतवंत सिंह तय समय में रिपोर्ट नहीं दे पाए।
20 अप्रैल को कैबिनेट मंत्री जिंपा ने मोगा के प्रबंधकीय परिसर में दबिश दी थी। मंत्री जब इस मामले पर भड़के तो डीसी ने बताया कि एसडीएम सतवंत सिंह के पास मोगा के साथ निहाल सिंह वाला, बाघापुराना, धर्मकोट के एसडीएम के अलावा जीए टू डीसी सहित छह विभागों का प्रभार है। ऐसे में कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि समय पर रिपोर्ट मिलेगी। मंत्री ने रिपोर्ट पहले तो बुधवार को ही शाम पांच बजे तक देने को कहा, बाद में जाते-जाते डीसी को 21 अप्रैल दोपहर 12 बजे तक का समय दे गए।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
शहर में कुछ दिन पहले एक रजिस्ट्री हुई, उसकी शिकायत की गई कि कॉमर्शियल जगह की रजिस्ट्री आवासीय बताकर की गई है। इस मामले में डीसी कुलवंत सिंह ने एसडीएम सतवंत सिंह को जांच सौंपी थी और 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि जिसे हाईवे की जमीन बताई थी वह हाईवे से 100 फुट पीछे है। उस जमीन के नक्शे रजिस्ट्री के साथ लगे हुए हैं। डीसी कुलवंत सिंह का कहना है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।