Punjab: स्वर्ण मंदिर के बाहर सुखबीर बादल पर गोलीकांड, पूर्व आतंकवादी चौरा ने खुद ही हमला किया, पुलिस जांच जारी
पुलिस ने बताया कि चौरा ने हमले में इस्तेमाल की गई 9 एमएम पिस्तौल को पहले से ही तैयार रखा था। इस हथियार को पुलिस ने जब्त कर लिया है और इसके स्रोत की जांच की जा रही है। 68 वर्षीय नारायण सिंह चौरा आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा रहा है।
विस्तार
पंजाब पुलिस के अनुसार शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर स्वर्ण मंदिर के बाहर हुई गोलीबारी में गिरफ्तार पूर्व आतंकवादी नारायण सिंह चौरा ने खुद यह हमला किया हो सकता है। प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि चौरा ने धार्मिक और राजनीतिक असंतोष के चलते यह कदम उठाया।
बुधवार को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाई गई। हालांकि, वह इस हमले में सुरक्षित बच गए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने चौरा को तुरंत काबू में कर लिया। यह दुस्साहसिक हमला मीडियाकर्मियों के कैमरों में कैद हो गया, जो बादल के धार्मिक प्रायश्चित कार्यक्रम को कवर करने आए थे।
गुरुवार को चौरा को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं, सूत्रों के अनुसार चौरा ने सुखबीर बादल और उनकी पार्टी द्वारा 2007-2017 के बीच की गई गलतियों के लिए नाराजगी जताई थी। बादल को हाल ही में अकाल तख्त द्वारा धार्मिक दंड (तनखाह) सुनाई गई थी, जिसमें 2007 के ईशनिंदा मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को माफी देना भी शामिल था।
पुलिस ने बताया कि चौरा ने हमले में इस्तेमाल की गई 9 एमएम पिस्तौल को पहले से ही तैयार रखा था। इस हथियार को पुलिस ने जब्त कर लिया है और इसके स्रोत की जांच की जा रही है। 68 वर्षीय नारायण सिंह चौरा आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा रहा है। वह 2004 के चंडीगढ़ बुरैल जेलब्रेक मामले में भी मुख्य आरोपी था, जिसमें उसने कई आतंकवादियों को फरार कराने में मदद की थी।
चौरा ने अपने फेसबुक पोस्ट में सुखबीर बादल और अकाली दल की कड़ी आलोचना की थी। उसने लिखा था कि पार्टी ने "पंथ" (सिख समुदाय) के साथ विश्वासघात किया है और अब उसे समुदाय का नेतृत्व करने का अधिकार नहीं है।
विरोध और विवाद
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस पर अपनी विफलता छुपाने और घटना को सहानुभूति अर्जित करने के प्रयास के रूप में पेश करने का आरोप लगाया।
मजीठिया ने यह भी दावा किया कि अमृतसर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने घटना से एक दिन पहले चौरा के साथ "दोस्ताना बातचीत" की थी। इस संबंध में पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस का बयान
अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस ने हथियार के स्रोत और हमले की योजना के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया बोले...
सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलने की घटना पर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और पाकिस्तान ने हमेशा राज्य में शांति भंग करने की कोशिश की है...अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में हुई घटना निंदनीय है। अगर आप सरकार वहां सुरक्षा का आश्वासन नहीं दे सकती है, तो इससे पता चलता है कि राज्य में कुछ भी ठीक नहीं है। आप सरकार के तहत राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब है।
#WATCH | Delhi: On bullet fired at Sukhbir Singh Badal, SAD leader Bikram Singh Majithia says, "Punjab is a border state and Pakistan has always tried to disturb the peace here in the state...the incident that took place at Golden Temple in Amritsar is condemnable...If the AAP… pic.twitter.com/sGkWCwRf00
— ANI (@ANI) December 6, 2024