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सावधान! रेलवे में जल्द होगी हड़ताल
अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Sun, 12 Jan 2014 10:16 PM IST
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रेलकर्मियों की लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों पर रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार की उदासीनता को देखते हुए नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे (एनएफआईआर) भारतीय रेलवे में हड़ताल करने संबंधी कर्मियों में 17-18 जनवरी को गुप्त मतदान कराने जा रही है।
एआईआरएफ (ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन) ने इस संबंधी 20-21 दिसंबर 2013 में रेलकर्मियों में गुप्त मतदान करवाया था और 96.73 फीसदी मतदान हुआ था। एआईआरएफ और नार्दर्न रेलवे में एनआरएमयू के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि जल्द ही उन्होंने एक बैठक बुलाई है जिसमें मतदान पर विचार-विमर्श कर हड़ताल की घोषणा कर दी जाएगी।
एनएफआईआर रेलकर्मियों की 65 मांगों को लेकर 17-18 जनवरी को इंडियन रेलवे स्तर पर रेलकर्मियों से गुप्त मतदान कराने जा रही है। इसकी तैयारियां हो चुकी हैं। मतदान के बाद ही इंडियन रेलवे में रेलकर्मी हड़ताल पर जाने का निर्णय लेंगे।
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रेल कर्मियों की मुख्य मांगों में 2004 से लागू नई पेंशन स्कीम खत्म की जाए, डीए तनख्वाह में मर्ज किया जाए, सेवानिवृत्त कर्मियों का मेडिकल भत्ता बढ़ाया जाए, 4600 ग्रेड पे स्केल को 4800 में तबदील किया जाए, बोनस पर सीलिंग खत्म की जाए, स्टेशन मास्टरों का शुरुआती ग्रेड 4200 किया जाए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस से आयकर खत्म किया जाए, क्लर्कों की भर्ती पर लगी पाबंदी खत्म की जाए और 12 घंटे काम करने वाले कर्मियों से आठ घंटे काम लेने संबंधी 65 मांगें शामिल हैं।
एआईआरएफ ने लंबित पड़ी 36 मांगों को लेकर रेलकर्मियों से गुप्त मतदान 20-21 दिसंबर 2013 में करवा लिया है। 96.73 फीसदी रेल कर्मियों ने मतदान किया है। इसमें आठ लाख सात हजार 393 कर्मियों ने अपने मत का इस्तेमाल किया। हड़ताल के हक में सात लाख 21 हजार 398 कर्मियों ने मतदान किया। जबकि 22 हजार 398 कर्मियों ने हड़ताल न करने के हक में मतदान किया। इसके अलावा 3106 वोटें खराब हुईं।
नार्दर्न रेलवे स्तर पर 97 हजार 989 वोट पड़े। दो हजार 921 कर्मी हड़ताल के खिलाफ हैं। एआईआरएफ की 36 मांगों में खाली पद भरे जाए, ट्रेनों की संख्या बढ़ने से वर्कर लोड बढ़ने के साथ नई पोस्टें बनाई जाएं, नई पेंशन स्कीम खत्म की जाए, बोनस पर सीलिंग 3500 खत्म की जाए, आयकर की लिमिट बढ़ाई जाए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, स्पेशल ड्यूटी भत्ते को आयकर से बाहर रखा जाए और छठे पे-कमीशन की सभी त्रुटियों को दूर करना शामिल है।
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एआईआरएफ (ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन) ने इस संबंधी 20-21 दिसंबर 2013 में रेलकर्मियों में गुप्त मतदान करवाया था और 96.73 फीसदी मतदान हुआ था। एआईआरएफ और नार्दर्न रेलवे में एनआरएमयू के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि जल्द ही उन्होंने एक बैठक बुलाई है जिसमें मतदान पर विचार-विमर्श कर हड़ताल की घोषणा कर दी जाएगी।
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एनएफआईआर रेलकर्मियों की 65 मांगों को लेकर 17-18 जनवरी को इंडियन रेलवे स्तर पर रेलकर्मियों से गुप्त मतदान कराने जा रही है। इसकी तैयारियां हो चुकी हैं। मतदान के बाद ही इंडियन रेलवे में रेलकर्मी हड़ताल पर जाने का निर्णय लेंगे।
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रेल कर्मियों की मुख्य मांगों में 2004 से लागू नई पेंशन स्कीम खत्म की जाए, डीए तनख्वाह में मर्ज किया जाए, सेवानिवृत्त कर्मियों का मेडिकल भत्ता बढ़ाया जाए, 4600 ग्रेड पे स्केल को 4800 में तबदील किया जाए, बोनस पर सीलिंग खत्म की जाए, स्टेशन मास्टरों का शुरुआती ग्रेड 4200 किया जाए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस से आयकर खत्म किया जाए, क्लर्कों की भर्ती पर लगी पाबंदी खत्म की जाए और 12 घंटे काम करने वाले कर्मियों से आठ घंटे काम लेने संबंधी 65 मांगें शामिल हैं।
एआईआरएफ ने लंबित पड़ी 36 मांगों को लेकर रेलकर्मियों से गुप्त मतदान 20-21 दिसंबर 2013 में करवा लिया है। 96.73 फीसदी रेल कर्मियों ने मतदान किया है। इसमें आठ लाख सात हजार 393 कर्मियों ने अपने मत का इस्तेमाल किया। हड़ताल के हक में सात लाख 21 हजार 398 कर्मियों ने मतदान किया। जबकि 22 हजार 398 कर्मियों ने हड़ताल न करने के हक में मतदान किया। इसके अलावा 3106 वोटें खराब हुईं।
नार्दर्न रेलवे स्तर पर 97 हजार 989 वोट पड़े। दो हजार 921 कर्मी हड़ताल के खिलाफ हैं। एआईआरएफ की 36 मांगों में खाली पद भरे जाए, ट्रेनों की संख्या बढ़ने से वर्कर लोड बढ़ने के साथ नई पोस्टें बनाई जाएं, नई पेंशन स्कीम खत्म की जाए, बोनस पर सीलिंग 3500 खत्म की जाए, आयकर की लिमिट बढ़ाई जाए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, स्पेशल ड्यूटी भत्ते को आयकर से बाहर रखा जाए और छठे पे-कमीशन की सभी त्रुटियों को दूर करना शामिल है।