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पंजाब के छह और कांग्रेस नेताओं ने दिया इस्तीफा
अमर उजाला, लुधियाना/पटियाला/मोगा/तरनतारन
Updated Sat, 04 Jan 2014 09:04 AM IST
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस की नवगठित 319 सदस्यों वाली कार्यकारिणी में ओहदों को लेकर उठा विवाद शांत नहीं हो पा रहा। वीरवार तक पांच पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफे की घोषणा किए जाने के बाद शुक्रवार को भी नाराज नेताओं के इस्तीफों का दौर जारी रहा।
शुक्रवार को लुधियाना से पूर्व मंत्री मलकीत सिंह बीरमी और विधायक राकेश पांडे ने नई कार्यकारिणी से खुद को अलग कर लिया जबकि पटियाला से घन्नौर हलके के पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर और मोगा से पूर्व जिला प्रधान कर्नल (रिटायर्ड) बाबू सिंह ने भी अपने नए पदों से इस्तीफे दे दिए।
देर शाम तरनतारन से पूर्व सचिव डा. सुरिंदर सिंह शाही ने तो पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से ही त्याग पत्र का ऐलान कर दिया जबकि हल्का इंचार्ज डा. धर्मवीर अग्निहोत्री ने प्रदेश सचिव का पद ठुकरा दिया।
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कद के मुताबिक पद न मिलने से बीरमी और पांडे नाराज
लुधियाना में पूर्व मंत्री मलकीत सिंह बीरमी और विधायक राकेश पांडे ने प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी से अलग रहने की घोषणा करते हुए प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा पर आरोप लगाए हैं।
दोनों ने कार्यकारिणी से अपना इस्तीफा भी कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पंजाब प्रधान प्रताप सिंह बाजवा को भेजने की बात कही है।
दोनों नेताओं ने कहा कि उनका संघर्ष बाजवा की नीतियों के खिलाफ है, कांग्रेस पार्टी के नहीं। बाजवा पंजाब कांग्रेस को एक माला में पिरोने में नाकाम रहे हैं। बीरमी और पांडे ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस कर बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोला।
जलालपुर ने बाजवा की कार्यशैली पर उठाए सवाल
पटियाला में विधानसभा हलका घन्नौर से पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर ने पार्टी की नई कार्यकारिणी की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया कि बाजवा ने कुछ ऐसे लीडरों को नई कार्यकारिणी में ओहदे दिए हैं जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
जलालपुर ने बाजवा को अपनी कार्यशैली में सुधार के साथ-साथ इस नई कार्यकारिणी कमेटी पर भी दोबारा विचार करने की मांग की है।
पुराना पद मिलने से बाबू सिंह नाराज
मोगा में कांग्रेस के पूर्व जिला प्रधान कर्नल (रिटायर्ड) बाबू सिंह ने भी कार्यकारिणी में अपने नए पद से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने कहा कि वे पांच साल जिला प्रधान के अलावा योजना बोर्ड के सदस्य और अहम पदों पर काम कर चुके हैं। वे पहले ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी के सदस्य हैं और अब फिर उनको वही पद दे दिया गया है।
पूर्व सचिव डा. शाही ने छोड़ दी कांग्रेस
तरनतारन में कांग्रेस के पूर्व सचिव डा. सुरिंदर सिंह शाही ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र देने का ऐलान किया है।
डा. शाही ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि त्याग पत्र की प्रति प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के अतिरिक्त सोनिया गांधी को भेज दी है।
उन्होंने बताया कि पार्टी में लंबे समय से परिवारवाद व भ्रष्टाचार का बोलबाला है। इससे वे परेशान थे। पार्टी की सदस्यता छोड़ने का कारण यह था कि दल की नीयत व नीति में बदलाव आ चुका है।
डा. अग्निहोत्री ने ठुकराया प्रदेश सचिव पद
तरनतारन में हलका इंचार्ज डा. धर्मवीर अग्निहोत्री ने भी पार्टी की ओर से सौंपे गए प्रदेश सचिव के पद को ठुकरा दिया है।
उन्होंने अपना त्याग पत्र प्रताप सिंह बाजवा को भेजने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि वह पीढ़ी दर पीढ़ी कांग्रेस की सेवा करने वाले परिवारों में से एक हैं।
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शुक्रवार को लुधियाना से पूर्व मंत्री मलकीत सिंह बीरमी और विधायक राकेश पांडे ने नई कार्यकारिणी से खुद को अलग कर लिया जबकि पटियाला से घन्नौर हलके के पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर और मोगा से पूर्व जिला प्रधान कर्नल (रिटायर्ड) बाबू सिंह ने भी अपने नए पदों से इस्तीफे दे दिए।
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देर शाम तरनतारन से पूर्व सचिव डा. सुरिंदर सिंह शाही ने तो पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से ही त्याग पत्र का ऐलान कर दिया जबकि हल्का इंचार्ज डा. धर्मवीर अग्निहोत्री ने प्रदेश सचिव का पद ठुकरा दिया।
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कद के मुताबिक पद न मिलने से बीरमी और पांडे नाराज
लुधियाना में पूर्व मंत्री मलकीत सिंह बीरमी और विधायक राकेश पांडे ने प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी से अलग रहने की घोषणा करते हुए प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा पर आरोप लगाए हैं।
दोनों ने कार्यकारिणी से अपना इस्तीफा भी कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पंजाब प्रधान प्रताप सिंह बाजवा को भेजने की बात कही है।
दोनों नेताओं ने कहा कि उनका संघर्ष बाजवा की नीतियों के खिलाफ है, कांग्रेस पार्टी के नहीं। बाजवा पंजाब कांग्रेस को एक माला में पिरोने में नाकाम रहे हैं। बीरमी और पांडे ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस कर बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोला।
जलालपुर ने बाजवा की कार्यशैली पर उठाए सवाल
पटियाला में विधानसभा हलका घन्नौर से पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर ने पार्टी की नई कार्यकारिणी की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया कि बाजवा ने कुछ ऐसे लीडरों को नई कार्यकारिणी में ओहदे दिए हैं जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
जलालपुर ने बाजवा को अपनी कार्यशैली में सुधार के साथ-साथ इस नई कार्यकारिणी कमेटी पर भी दोबारा विचार करने की मांग की है।
पुराना पद मिलने से बाबू सिंह नाराज
मोगा में कांग्रेस के पूर्व जिला प्रधान कर्नल (रिटायर्ड) बाबू सिंह ने भी कार्यकारिणी में अपने नए पद से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने कहा कि वे पांच साल जिला प्रधान के अलावा योजना बोर्ड के सदस्य और अहम पदों पर काम कर चुके हैं। वे पहले ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी के सदस्य हैं और अब फिर उनको वही पद दे दिया गया है।
पूर्व सचिव डा. शाही ने छोड़ दी कांग्रेस
तरनतारन में कांग्रेस के पूर्व सचिव डा. सुरिंदर सिंह शाही ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र देने का ऐलान किया है।
डा. शाही ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि त्याग पत्र की प्रति प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के अतिरिक्त सोनिया गांधी को भेज दी है।
उन्होंने बताया कि पार्टी में लंबे समय से परिवारवाद व भ्रष्टाचार का बोलबाला है। इससे वे परेशान थे। पार्टी की सदस्यता छोड़ने का कारण यह था कि दल की नीयत व नीति में बदलाव आ चुका है।
डा. अग्निहोत्री ने ठुकराया प्रदेश सचिव पद
तरनतारन में हलका इंचार्ज डा. धर्मवीर अग्निहोत्री ने भी पार्टी की ओर से सौंपे गए प्रदेश सचिव के पद को ठुकरा दिया है।
उन्होंने अपना त्याग पत्र प्रताप सिंह बाजवा को भेजने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि वह पीढ़ी दर पीढ़ी कांग्रेस की सेवा करने वाले परिवारों में से एक हैं।