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बेरोजगार ईजीएस-एआईई टीचरों को मिली ये राहत
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Jan 2014 03:42 PM IST
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बेरोजगार ईजीएस-एआईई टीचरों को राहत दी है।
सीएम ने उन्हें शिक्षा विभाग में दो साल के लिए कॉन्ट्रेक्ट पर नौकरी करने की पेशकश दी है। साथ ही टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट से छूट दिलाने का मुद्दा कें द्र सरकार के समक्ष उठाने का भरोसा भी दिया।
पंजाब भवन में टीचरों की कमेटी से बातचीत के दौरान सीएम ने उनकी समस्याएं हल करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें दो साल कॉन्ट्रेक्ट पर नौकरी दी जाएगी।
इस दौरान उन्हें टीईटी पास करना होगा, ताकि वे शिक्षा विभाग में रेगुलर नौकरी हासिल कर सकें। टीचरों का वेतन निर्धारित करने के लिए फैसला उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा लिया जाएगा।
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जिसमें सीएम के प्रधान सचिव एसके संधू, प्रधान शिक्षा सचिव और वित्तायुक्त देहाती विकास शामिल होंगे। जो टीचरों के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद फैसला लेंगे।
बादल ने शिक्षा विभाग को इस संबंधी सारी औपचारिकताएं एक महीने में पूरी करने को कहा ताकि टीचरों को जल्द रोजगार मिल सके।
प्रधान शिक्षा सचिव अंजलि भंवरा को केंद्रीय शिक्षा सचिव से मिल कर टीईटी से छूट संबंधी मामले का हल निकालने को कहा गया। सीएम ने टीचरों से कहा कि वे सार्वजनिक हितों को देखते हुए अपना आंदोलन वापस ले लें।
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सीएम ने उन्हें शिक्षा विभाग में दो साल के लिए कॉन्ट्रेक्ट पर नौकरी करने की पेशकश दी है। साथ ही टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट से छूट दिलाने का मुद्दा कें द्र सरकार के समक्ष उठाने का भरोसा भी दिया।
पंजाब भवन में टीचरों की कमेटी से बातचीत के दौरान सीएम ने उनकी समस्याएं हल करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें दो साल कॉन्ट्रेक्ट पर नौकरी दी जाएगी।
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इस दौरान उन्हें टीईटी पास करना होगा, ताकि वे शिक्षा विभाग में रेगुलर नौकरी हासिल कर सकें। टीचरों का वेतन निर्धारित करने के लिए फैसला उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा लिया जाएगा।
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जिसमें सीएम के प्रधान सचिव एसके संधू, प्रधान शिक्षा सचिव और वित्तायुक्त देहाती विकास शामिल होंगे। जो टीचरों के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद फैसला लेंगे।
बादल ने शिक्षा विभाग को इस संबंधी सारी औपचारिकताएं एक महीने में पूरी करने को कहा ताकि टीचरों को जल्द रोजगार मिल सके।
प्रधान शिक्षा सचिव अंजलि भंवरा को केंद्रीय शिक्षा सचिव से मिल कर टीईटी से छूट संबंधी मामले का हल निकालने को कहा गया। सीएम ने टीचरों से कहा कि वे सार्वजनिक हितों को देखते हुए अपना आंदोलन वापस ले लें।