Punjab: व्यापारी के करिंदे से ट्रेन में हुई लूट मामला; आरोपी पुलिस कर्मी गिरफ्तार, घर पर पुलिस ने की रेड
दूसरे पुलिस कर्मी विनोद एवं दो अन्य आरोपियों की गिरफतारी के लिए अलग अलग पुलिस टीम प्रयास कर रही है।
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ट्रेन में व्यापारी के कारिंदे से दो पुलिस कर्मियों एवं तीन अन्य व्यक्तियों द्वारा की गई हीरे जेवरात लूट मामलें में पुलिस ने असल पुलिस कर्मी अशीष कुमार को गिरफतार कर लिया है। इसकी पुष्टि एसएसपी कार्यालय की ओर से मीडिया को कर दी गई है। वहीं दूसरे पुलिस कर्मी विनोद कुमार, आरोपी निशान सिंह समेत दो अन्य आरोपियों की गिरफतारी के लिए पुलिस की अलग अलग टीमें प्रयास कर रही है। मंगलवार को एक पुलिस टीम ने निशान सिंह के घर गांव सरावा बोदला जिला मुक्तसर में रेड की लेकिन आरोपी वहां पर नहीं मिला। जिस के बाद पुलिस टीम ने अन्य ठिकानों पर भी रेड की थी।
बतातें चलें कि रविवार रात को जब व्यापारी का करिंदा राजू दिल्ली से ट्रेन के जरीए तीन किलो से अधिक हीरे जेवरात बैग में लेकर बठिंडा की तरफ आ रहा था तो संगरूर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में दो वर्दीधारी एवं तीन सिविल कप्डों वाले आरोपियों ने कारिंदे से बैग लूट लिया था।
आरोपी लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद कार के जरीए बठिंडा पहुंचे तो वहां नार्थ अस्टेट में लगे पुलिस के नाके को देखकर आरोपी लूटा हुआ हीरे जेवरात वाला बैग फैंक कर फरार हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को ट्रेस कर लिया था। जिस में दो असल पुलिस कर्मी अशीष कुमार एवं बिनोद कुमार निकलें जो अबोहर में डयूटी पर तैनात थे।
सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त लूट की घटना में शामिल असल पुलिस कर्मी विनोद जोकि अबोहर में शराब ठेकेदारों के साथ डयूटी पर तैनात रहता था। वहीं सोमवार रात को पुलिस द्वारा पकडा गया पुलिस कर्मी अशीष कुमार जोकि अबोहर के ही एक थाने में तैनात था।
आरोपी निशान ने एक रेलवे कर्मी को फोन कर अपने आप को बताया था आरपीएफ का कर्मी
सूत्रों ने बताया कि लूट की पूरी घटना का मुख्य सूत्राधार आरोपी निशान सिंह गांव सरावा बोदला है। जो मृतक गैंगस्टर विक्की गौंडर के गांव का रहने वाला है। आरोपी साधारण किसान परिवार से संबंध रखता है। सूत्रों ने बताया कि उक्त घटना को अंजाम देने के लिए निशान सिंह ने अपने जै राम नामक युवक समेत दोनों असल पुलिस कर्मियों विनोद एवं आशीष समेत एक अन्य व्यक्ति को अपने साथ लिया था। सूत्रों ने बताया कि आरोपी निशान ने घटना से पहले एक रेलवे कर्मी को फोन कर अपने आप को आर पी एफ का कर्मी बताकर टिकट बुक करवाया था। जिस के चलते उक्त आरोपी ट्रेन अंदर चढने में कामयाब हुए थे। मंगलवार को पुलिस की एक टीम ने गांव सरावा बोदला में आरोपी निशान के घर रेड की थी। लेकिन आरोपी वहां पर नहीं मिला।जिसके बाद पुलिस टीम ने मलोट में एक जगह पर जांच की थी।
घटना में इस्तेमाल कार आरोपी पुलिस कर्मी विनोद की
सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि जिस इटियोस कार को आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए उपयोग किया वो आरोपी असली पुलिस कर्मी विनोद कुमार की बताई जा रही है।
आरोपी पुलिस कर्मी अशीष दो दिन के पुलिस रिमांड पर
थाना सिविल लाइन के इंस्पैक्टर यादविंदर सिंह ने बताया कि लूट मामलें में पुलिस द्वारा गिरफतार किए गए आरोपी आशीष कुमार को पुलिस ने मंगलवार को अदालत में पेश किया था। जहां पर अदालत ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। बतातें चलें कि लूट मामलें में पुलिस ने थाना सिविल लाइन में आरोपी अशीष कुमार, विनोद कुमार, जै राम और निशान सिंह समेत एक अज्ञात आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात होने के बावजूद आरोपी शहर से भाग निकलें
रविवार रात घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी कार में सवार होकर फरार हो गए थे। हैरानी की बात है कि शहर में चप्पे चप्पे पर पुलिस की तैनाती होने के बावजूद आरोपी शहर से भाग निकलने में कामयाब हो गए थे।
मुख्य आरोपी निशान से पता चलेगा लूट की घटना का सच
सूत्रों ने बताया कि उक्त लूट मामलें में आरोपी पुलिस कर्मी आशीष कुमार की चाहे पुलिस ने गिरफतारी कर ली है। लेकिन प्राथमिक पुलिस पूछताछ में आरोपी आशीष से पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा है। जिस के चलते अब पुलिस ने सबसे ज्यादा जोर आरोपी निशान सिंह की गिरफतारी पर लगा दिया है। सूत्रों ने बताया कि आरोपी निशान की गिरफतारी के बाद ही पुलिस को लूट की घटना के सच का पता चल पाएगा कि कैसे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची थी।
अलग अलग एंगल से पुलिस कर रही जांच
उक्त लूट मामलें की तय तक जाने के लिए पुलिस अलग अलग एंगल से जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है कि उक्त जेवरात लाने वाले राजू राम के बारे में आरोपियों को कैसे और किसके जरीए पता चला।जिस के चलते आरोपी लूट की घटना को अंजाम देकर भाग निकलें थे।