फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Captain Amarinder Singh came out in support of central government in BSF issue

कैप्टन ने किया केंद्र का समर्थन: कहा- पहले छह तो अब 31 किमी तक आ रहे पाक ड्रोन, बीएसएफ को 50 किमी दायरा देना सही

Thu, 28 Oct 2021 01:08 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 28 Oct 2021 01:08 AM IST
सार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के फैसला का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और राज्य सरकार को केंद्र का साथ देना चाहिए। कैप्टन ने तर्क दिया कि पहले पाकिस्तानी ड्रोन छह किमी तक आते थे लेकिन अब वह 31 किमी तक हमारी सीमा में दाखिल हो रहे हैं। ऐसे में बीएसएफ का दायरा 50 किमी करना उचित है। 

विज्ञापन
Captain Amarinder Singh came out in support of central government in BSF issue
कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब की सुरक्षा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खुल कर सामने आ गए हैं। बीएसएफ को पंजाब में सीमावर्ती 50 किमी क्षेत्र में जांच और कार्रवाई का अधिकार दिए जाने के केंद्र के कदम को उन्होंने सही बताया और साथ ही पंजाब के गृह मंत्री सुखजिंदर रंधावा को नसीहत भी दे डाली है। रंधावा पर सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाते हुए कैप्टन ने कहा कि वे दस साल सेना में रहे हैं और साढ़े नौ साल तक गृह मंत्री रहे हैं। ऐसे में एक माह पहले गृह मंत्री बने सुखजिंदर सिंह रंधावा की बातें उनके गले नहीं उतर रही हैं। 

विज्ञापन


यहां पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब 1947 से लेकर अब तक कई बार युद्ध का मैदान बन चुका है। चाहे वह भारत-पाकिस्तान युद्ध हो या फिर ऑपरेशन ब्लू स्टार। इसलिए मैं पंजाब को दोबारा उस आग में जलने नहीं दूंगा। उन्होंने कहा कि सीमा पार से आ रहे हथियार और विस्फोटक कोई छोटा मुददा नहीं हैं। यह ड्रोन के माध्यम से संबंधित लोकेशन को ट्रेस कर गिराए जा रहे हैं। मेरी इस मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से खुलकर बातचीत हुई है। केंद्र सरकार इस पूरे मामले को लेकर गंभीर है। यदि पंजाब सरकार इस मसले पर विशेष सत्र बुला रही है तो उसे जनता को यह बताने की जरूरत है कि बीएसएफ पंजाब की सुरक्षा के लिए है न कि राज्य सरकार के काम में हस्तक्षेप के लिए।
विज्ञापन


पंजाब पुलिस पूरी तरह से मजबूत है। पंजाब पुलिस अपना काम करेगी लेकिन जहां पर बीएसएफ की मदद की जरूरत पड़ेगी तो बीएसएफ आगे रहेगी। बीएसएफ को यह जिम्मेदारी न सिर्फ पंजाब में बल्कि अन्य राज्यों में भी दी गई है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में 6 और अब 31 किलोमीटर तक ड्रोन आ रहे हैं। इसके बाद भी पंजाब सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है। राज्य सरकार का यह कदम आलोचना योग्य है। बीएसएफ को लेकर राज्य का प्रशासन और स्वर्ण मंदिर अपने हाथों में लेने के आरोप बेबुनियाद हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने में मदद के लिए है बीएसएफ 
कैप्टन ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को ज्यादा खतरा है। बीएसएफ सूबे में राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने में मदद करने के लिए है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में राज्य की तरफ से केंद्र को पूर्ण समर्थन दिया जाना चाहिए न कि उसकी खिलाफत करनी चाहिए। गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा पर हमला बोलते हुए कैप्टन ने कहा कि यह यह मेरा अनुभव है कि मुझे खतरे का एहसास हो जाता है। फिर भी एक गृह मंत्री जो एक माह से अपनी कुर्सी पर हैं, मुझसे ज्यादा जानने का दावा कर रहे हैं।


उन्होंने पंजाब के 52 साल के राजनीतिक और सैन्य अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पहले पड़ोसी तार-बाड़ के नीचे सुरंग के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजता था। इसके बाद कुछ तकनीक उन्नत होने पर ड्रोन के जरिये सीमा से सिर्फ 5-6 किलोमीटर हथियार और नशे की आपूर्ति की जाने लगी लेकिन अब चीनी और अन्य देशों की उन्नत तकनीक वाले ड्रोनों का प्रयोग किया जा रहा है। जिसके जरिए अब वे पंजाब में 31 किलोमीटर तक पहुंच रहे हैं। जिसके बाद हमें और सजग होने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed