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नई शिक्षा नीति के विरोध में अध्यापकों का अर्थी फूंक प्रदर्शन पीटीआई और ड्राइंग के पदों को खत्म करने का विरोध किया अध्यापकों को क

Mon, 17 May 2021 09:34 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Mon, 17 May 2021 09:34 PM IST
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teachers held protest against punjab govt  for new education policy
पटियाला। सांझा अध्यापक मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को अध्यापकों ने जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में पंजाब सरकार खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन किया। इस मौके केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति-2020 का विरोध किया गया। साथ ही प्राइमरी अध्यापकों के तबादलों को पिछले ढाई महीनों से लागू न करने, प्राइमरी हेड टीचरों के खत्म किए 1904 पदों को बहाल न करने और शिक्षा मंत्री की ओर से मीटिंग के लिए समय न देने का भी विरोध किया गया।
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इस मौके अध्यापक नेताओं विक्रम देव सिंह और रणजीत मान आदि ने पंजाब सरकार से मांग की कि अध्यापकों को कोरोना योद्धा घोषित करके उन्हें 50 लाख का सेहत बीमा दिया जाए। साथ ही मांग की कि 50 प्रतिशत स्टाफ के हाजिर रहने का नियम सारे स्कूलों के लिए लागू किया जाए। पर्सोनल विभाग की हिदायतों मुताबिक 17 से 30 दिन की तनख्वाह सहित एकांतवास छुट्टी शिक्षा विभाग में भी लागू करने की मांग की गई। साथ ही रोष जताया कि शिक्षा ढांचे को मजबूत बनाने की बजाय केंद्र सरकार ने खेती कानूनों की तर्ज पर निजीकरण पक्षीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तहत प्राइमरी व मिडिल स्कूलों को खत्म करने की जो साजिश रची है, उसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ाने के लिए अध्यापकों पर बेवजह का दबाव बनाया जा रहा है। कोरोना काल में उनसे फालतू की ड्यूटियां ली जा रही हैं, जिसका मोर्चा सख्त विरोध करता है। अध्यापक नेताओं ने कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद घर-घर रोजगार दिया जाएगा, लेकिन इन चार सालों में सरकार ने सरकारी स्कूलों में खाली पड़े सैकड़ों पदों पर कोई भरती नहीं की। जिससे कैप्टन सरकार के दावों की पोल खुलती है। इनकी मांगों में कच्चे अध्यापकों को पक्का करना, अध्यापकों की वेतन कटौती को रिव्यू करना और पुरानी पेंशन स्कीम भी बहाल करना शामिल है। इस मौके एक जून को शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिंगला के हलके संगरूर में घोषित प्रदेश स्तरीय रोष रैली में ज्यादा से ज्यादा गिनती में अध्यापकों को पहुंचने की अपील भी की गई।
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