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55 की स्पीड से चलेगी 50 हजार से बनी सोलर कार

Sat, 08 Apr 2017 03:17 PM IST
मंडी गोबिंदगढ़
मंडी गोबिंदगढ़ Updated Sat, 08 Apr 2017 03:17 PM IST
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Remote University, Mechanical Engineering Student, Solar Car, 55 kmph, Mandi Gobindgarh
रिमट यूनिवर्सिटी में सोलर कार तैयार करने वाली टीम यूनिवर्सिटी चांसलर डा हुक्म चंद बंसल, उपकुलपति डा चावला व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
रिमट यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग छात्रों की एक टीम ने 150 किलो का बोझ उठाकर 55 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली सोलर कार तैयार करने का दावा किया है। स्पोर्ट्स व्हीकल के रूप में पिछले दिनों गुजरात के नगर मेहसाना में हुए एक मुकाबले में इस कार को दूसरा स्थान मिला।
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इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और मौजूदा अध्यापक जसप्रीत सिंह की अहम भूमिका रही। कार को तैयार करने में महज 50 हजार रुपये खर्च किए गए हैं और अगर इसका व्यापारिक उत्पादन किया जाना हो तो वह काफी सस्ता रहेगा।
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उन्होंने बताया कि पहले वाराणसी में इसके वर्चुअल मुकाबले हुए थे जिसमें 65 टीमों ने हिस्सा लिया था। इसमें से 12 टीमों का राष्ट्रीय स्तर पर मुकाबले के लिए चयन हुआ था जिसमें रिमट की 9 छात्रों वाली टीम दूसरे स्थान पर रही। 
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गुजरात से टीम की वापसी पर रिमट यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. हुक्म चंद बंसल ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मॉडल विभाग की दीवारों तक ही सिमट के न रह जाए बल्कि ऐसी कुछ गाड़ियों को तैयार कर यूनिवर्सिटी कैंपस में आने वाले मेहमानों के लिए इस्तेमाल किया जाए।

वहीं उप-कुलपति डॉ. एएस चावला ने कहा कि प्रदूषित हो रहे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा दिया जाए। बाजार में ऐसे वाहन आ चुके हैं जो बैटरी से चलते हैं, मगर उनकी कीमत बहुत अधिक है। हमें सस्ती कीमत पर ऐसे ही वाहन मार्केट में लाने होंगे जिनसे पेट्रोल ओर डीजल की खपत बचाई जा सके।


विभाग प्रमुख डॉ. अजय सिंह राणा ने बताया कि इलैक्ट्रिक व्हीकल्स में सबसे बड़ी समस्या उनकी री-चार्जिंग की होती है। इस समस्या का हल सूर्य की रोशनी से रिचार्जिंग की व्यवस्था होना जरूरी है। इसके लिए रिमट के छात्रों ने अपना अहम योगदान दिया है। 
 
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