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परनीत बोलीं-किसानों की जमीन का मुआवजा दिलाएं जल्द
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पटियाला। पटियाला से सांसद परनीत कौर ने किसान रोड संघर्ष कमेटी के सदस्यों के साथ केंद्रीय ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी के सामने डेराबस्सी और बनूड़ में नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा करने का मुद्दा उठाया।
परनीत ने कहा कि किसान रोड संघर्ष कमेटी के मेंबर कुछ दिन पहले उन्हें डेराबस्सी और बनूड़ में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जमीन अधिग्रहीत करने के मामले को लेकर मिले थे। इसी वजह से वह उनको साथ लेकर ट्रांसपोर्ट मंत्री को मिलीं और उनको इन किसानों की असली मांगों से अवगत कराया। गडकरी ने उनकी मांग सुनीं और वादा किया हैै कि वह इनका जल्द हल होगा।
परनीत कौर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के अधीन 28 गांवों की जमीन के अवार्ड 30 सितंबर 2021 को डीआरओ (एसएएस) नगर की ओर से नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया प्रोजेक्ट लागू करने वाली इकाई अंबाला को भेजे गए थे। सात महीनों के बाद भी उनको कोई मुआवजा नहीं मिला।
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उन्होंने कहा कि माल अधिकारियों ने जमीन अधिग्रहण की जमाबंदी पर नोट छापा था, जिस कारण किसान अब इन जमीनों को खरीदने, बेचने, गिरवी रखने और अदला-बदली करने से असमर्थ है। परनीत ने उम्मीद जताई कि ट्रांसपोर्ट मंत्री इस मामले को तुरंत हल करेंगे और सीमांत किसानों के करीब 3200 परिवारों को बड़ी राहत देंगे।
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परनीत ने कहा कि किसान रोड संघर्ष कमेटी के मेंबर कुछ दिन पहले उन्हें डेराबस्सी और बनूड़ में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जमीन अधिग्रहीत करने के मामले को लेकर मिले थे। इसी वजह से वह उनको साथ लेकर ट्रांसपोर्ट मंत्री को मिलीं और उनको इन किसानों की असली मांगों से अवगत कराया। गडकरी ने उनकी मांग सुनीं और वादा किया हैै कि वह इनका जल्द हल होगा।
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परनीत कौर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के अधीन 28 गांवों की जमीन के अवार्ड 30 सितंबर 2021 को डीआरओ (एसएएस) नगर की ओर से नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया प्रोजेक्ट लागू करने वाली इकाई अंबाला को भेजे गए थे। सात महीनों के बाद भी उनको कोई मुआवजा नहीं मिला।
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उन्होंने कहा कि माल अधिकारियों ने जमीन अधिग्रहण की जमाबंदी पर नोट छापा था, जिस कारण किसान अब इन जमीनों को खरीदने, बेचने, गिरवी रखने और अदला-बदली करने से असमर्थ है। परनीत ने उम्मीद जताई कि ट्रांसपोर्ट मंत्री इस मामले को तुरंत हल करेंगे और सीमांत किसानों के करीब 3200 परिवारों को बड़ी राहत देंगे।