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बिजली निगम के पार्ट टाइम कर्मचारियों ने उगला गुस्सा
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Tue, 23 Aug 2016 09:51 PM IST
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पटियाला में पावरकाम हेडआफिस के सामने रोष धरना देते बिजली निगमों के पार्ट टाइम कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
पावरकॉम और ट्रांस्को के पार्ट टाइम कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर परिवारों के साथ पावररकॉम हेडऑफिस के सामने माल रोड पर धरना लगा दिया। इस मौके पर सालों से मामूली तनख्वाहों पर काम कर रहे पार्ट टाइम कर्मचारियों की सेवाएं रेगुलर करने की मांग की गई। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई। इसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी।
धरने को संबोधित करते हुए पार्ट टाइम कर्मचारियों की कमेटी के चेयरमैन सुदेश कुमार, प्रधान हरबंस सिंह टोहड़ा, महासचिव रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि 850 से भी अधिक पार्ट टाइम कर्मचारी कई सालों से बिजली निगमों में केवल 3000 रुपये के वेतन पर काम कर रहे हैं। यह तनख्वाह भी उन्हें अक्सर कई महीनों के बाद मिलती है। इससे पार्ट टाइम कर्मचारियों के लिए अपने परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
प्रदेश सरकार अपने विभागों में पार्ट टाइम मुलाजिमों का 25 फीसदी कोटा तय करके उन्हें रेगुलर कर रही है लेकिन पावरकॉम मैनेजमेंट न तो पंजाब सरकार की हिदायतों को मान रही है और न ही उनको रेगुलर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से समय-समय पर किए फैसलों को मानने को तैयार है।
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मुलाजिम नेताओं ने सवाल किया कि अगर खेती सेक्टर में अरबों रुपये की हर साल मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा सकती है और कंपनियों को करोड़ों रुपये की रियायतें दी जा सकती हैं व सियासी लोगों को पावरकाम में ओहदेदारियां देकर नवाजा जा सकता है तो पार्ट टाइम सफाई कर्मचारियों व दूसरे कर्मियों को रेगुलर क्यों नहीं किया जा सकता है। उच्च अदालतों के फैसले भी आ चुके हैं। मौके पर विभिन्न मुलाजिम जत्थेबंदियाें के नुमाइंदे बिजली निगमों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे।
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धरने को संबोधित करते हुए पार्ट टाइम कर्मचारियों की कमेटी के चेयरमैन सुदेश कुमार, प्रधान हरबंस सिंह टोहड़ा, महासचिव रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि 850 से भी अधिक पार्ट टाइम कर्मचारी कई सालों से बिजली निगमों में केवल 3000 रुपये के वेतन पर काम कर रहे हैं। यह तनख्वाह भी उन्हें अक्सर कई महीनों के बाद मिलती है। इससे पार्ट टाइम कर्मचारियों के लिए अपने परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
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प्रदेश सरकार अपने विभागों में पार्ट टाइम मुलाजिमों का 25 फीसदी कोटा तय करके उन्हें रेगुलर कर रही है लेकिन पावरकॉम मैनेजमेंट न तो पंजाब सरकार की हिदायतों को मान रही है और न ही उनको रेगुलर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से समय-समय पर किए फैसलों को मानने को तैयार है।
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मुलाजिम नेताओं ने सवाल किया कि अगर खेती सेक्टर में अरबों रुपये की हर साल मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा सकती है और कंपनियों को करोड़ों रुपये की रियायतें दी जा सकती हैं व सियासी लोगों को पावरकाम में ओहदेदारियां देकर नवाजा जा सकता है तो पार्ट टाइम सफाई कर्मचारियों व दूसरे कर्मियों को रेगुलर क्यों नहीं किया जा सकता है। उच्च अदालतों के फैसले भी आ चुके हैं। मौके पर विभिन्न मुलाजिम जत्थेबंदियाें के नुमाइंदे बिजली निगमों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे।