पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मेन कैंपस, नेबरहुड कैंपस, रीजनल सेंटरों, यूनिवर्सिटी के कालेजों को 31 मार्च तक बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि इस दौरान पीयू के विभागों व कालेजों में कक्षाएं और परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी। टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ आम दिनों की तरह मौजूद रहेगा। यह आदेश यूनिवर्सिटी के मान्यता प्राप्त कॉलेजों पर भी लागू होंगे। वहीं इस आदेश के बाद से विद्यार्थी भड़क गए हैं। रविवार को भी विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी के बाहर धरना लगाकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार कोरोना का बहाना बनाकर यूनिवर्सिटी का निजीकरण करना चाहती है। इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
छात्र नेता रवि दत्त कंग, बलकार किंगरा ने कहा कि करीब एक साल बंद रहने के बाद विद्यार्थियों ने लंबा संघर्ष करके यूनिवर्सिटी को बड़ी मुश्किल से खुलवाया है। अब दोबारा से यूनिवर्सिटी को बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कोरोना केवल स्टूडेंट्स या फिर हक मांगने वाले लोगों के लिए ही क्यों खतरनाक है। कुछ दिन पहले सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पोती की शादी में काफी लोग इकट्ठा हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनेताओं की ओर से कोरोना को सियासत करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मौजूदा समय में चल रहे किसान आंदोलन को भी कोरोना की आड़ में खत्म करने की साजिशें रची जा रही हैं। चेतावनी दी कि अगर यूनिवर्सिटी बंद करने का नोटिस वापस न लिया तो पक्का धरना शुरू किया जाएगा। इसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार पंजाब सरकार खुद होगी।