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Patiala News: बिजली अनुदान बकाया पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव से मांगा हलफनामा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को बिजली अनुदान की बकाया राशि से जुड़ा है। इसमें सरकारी विभागों के लंबित बिजली बिलों का भुगतान न करने का मामला भी शामिल है।
एक जनहित याचिका में आशंका जताई गई है कि सरकार की देनदारियां न चुकाने से पीएसपीसीएल पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा। इसका आर्थिक भार अंततः प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
सुनवाई के दौरान पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने याचिका की स्वीकार्यता पर आपत्ति उठाई। उन्होंने वर्ष 2010 के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि सरकार को स्वीकार्यता पर बार-बार आपत्ति के बजाय गुण-दोष पर पक्ष रखना चाहिए। याचिका में पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग के छह मार्च 2026 के बिजली दर आदेश का उल्लेख है।
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इसके अनुसार, अनुदान की कमी और भुगतान में देरी से पीएसपीसीएल को कार्यशील पूंजी के लिए ऋण लेना पड़ा। बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 65 के तहत राज्य सरकार को अनुदान अग्रिम रूप से देना चाहिए। ब्यूरो
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को बिजली अनुदान की बकाया राशि से जुड़ा है। इसमें सरकारी विभागों के लंबित बिजली बिलों का भुगतान न करने का मामला भी शामिल है।
एक जनहित याचिका में आशंका जताई गई है कि सरकार की देनदारियां न चुकाने से पीएसपीसीएल पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा। इसका आर्थिक भार अंततः प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
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सुनवाई के दौरान पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने याचिका की स्वीकार्यता पर आपत्ति उठाई। उन्होंने वर्ष 2010 के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि सरकार को स्वीकार्यता पर बार-बार आपत्ति के बजाय गुण-दोष पर पक्ष रखना चाहिए। याचिका में पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग के छह मार्च 2026 के बिजली दर आदेश का उल्लेख है।
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इसके अनुसार, अनुदान की कमी और भुगतान में देरी से पीएसपीसीएल को कार्यशील पूंजी के लिए ऋण लेना पड़ा। बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 65 के तहत राज्य सरकार को अनुदान अग्रिम रूप से देना चाहिए। ब्यूरो