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किसानों पर मौसम की मार: बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, कहीं झड़े दाने तो कहीं फसलें पानी में डूबीं
Mon, 25 Oct 2021 08:49 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, पटियाला/राजपुरा (पंजाब)
अमर उजाला ब्यूरो, पटियाला/राजपुरा (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 25 Oct 2021 08:49 PM IST
सार
- समाना व पटियाला के गांवों में फसलों को 70 से 80 फीसदी नुकसान
- पंजाब सरकार से 60 हजार प्रति किला मुआवजे की मांग की
- बरसाती पानी की मार से गांव खेडा गज्जू में धान की फसल हुई बर्बाद
- किसनों की सरकार से गिरदावरी कराके उचित मुआवजा देने की मांग
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भीगी फसल दिखाते किसान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तेज बारिश व ओलावृष्टि से पटियाला जिले में धान की खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम की इस मार से कहीं फसलों में से दाने झड़कर जमीन पर बिछ गए हैं। कहीं फसलें पूरी जमीन पर बिछ गई हैं और कहीं पानी में डूब गई हैं। जिससे किसान काफी हताश हैं। किसानों ने सरकार से गिरदावरी कराके उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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आंकड़ों के मुताबिक पटियाला जिले में दो लाख 34 हजार हेक्टेयर रकबे पर धान की फसलों की बुवाई की गई है। जिसमें से अभी तक केवल 20 से 25 प्रतिशत रकबे पर ही कटाई की गई थी, जबकि बाकी फसल खेतों में हैं। जो इस समय पूरी तरह से पक चुकी हैं। रविवार को हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से समाना, पटियाला ब्लॉक, नाभा, राजपुरा, घन्नौर में धान की खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
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खास तौर से समाना व पटियाला ब्लॉक में बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि कारण फसलों को 70 से 80 प्रतिशत नुकसान होने की सूचना है। पटियाला ब्लॉक के गांव गज्जूमाजरा, ललोछी, कुका, खेड़ी मलां, सैंसरवाल, तरोड़ा कलां, तरोड़ा खुर्द और भेड़पुरा और उधर समाना के गांव गाजीपुर, फतेहमाजरी, कादराबाद, कुलबुरछां, नमादा और बामनां में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान मनजीत सिंह न्याल के मुताबिक फसलों में दाना झड़कर जमीन पर गिर गया है। जिससे किसानों को 100 फीसदी तक नुकसान हुआ है। सरकार को चाहिए कि जल्द गिरदावरी करके 60 हजार प्रति किला मुआवजा पीडित किसानों को दे।
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राजपुरा ब्लॉक के गांव हसनपुर, वीनाहेड़ी, आकड़, आकड़ी, सेहरा, सेहरी, टहलपुरा, जनसुआ, जनसुही, मोही खुर्द और नियामतपुरा में तेज बारिश कारण फसलें पानी में डूबी हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी खड़ा होने कारण वह फसलों की कटाई नहीं कर सकेंगे। ऊपर से पानी में खड़ी होने कारण फसलों के गलने का खतरा है।
इसी तरह से नाभा व घन्नौर इलाकों के गांवों में भी फसलों को नुकसान हुआ है। जब जिले के मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी जसविंदरपाल सिंह से बात की, तो उन्होंने कहा कि बारिश व ओलावृष्टि से जिले में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि गिरदावरी के बाद ही नुकसान का सही पता लग पाएगा।
डीसी से मिलकर आज ज्ञापन देंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के बैनर तले काफी गिनती में किसान मंगलवार को इकट्ठा होकर डीसी से मिलेंगे और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपेगे। इसमें मांग की जाएगी कि किसानों को बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
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बर्बाद हुई फसल की जानकारी के लिये पटवारी को भेजा जायेगा मौके पर : तहसीलदार
सब डिवीजन राजपुरा में पड़ते गांव खेड़ा गज्जू में कुछ किसानों की धान की फसल को वर्षा के पानी की मार ने खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया है। किसानों ने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है। इस बारे में जानकारी देते हुए किसान रकेश कुमार, रजिंदर कुमार, ओम प्रकाश व प्रेम चंद ने बताया कि पिछले छह महीने से धान की फसल की बिजाई करने के बाद पूरी तरह से फसल की सेवा की पर बेमौसमी वर्षा के कारण खेतों में खड़े पानी से धान की फसल को पूरी तरह से बर्बाद करके रख दिया है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मांग की है कि गांव में खराब हुई धान की फसल की गिरदावरी करवा कर हमें बनता मुआवजा दिया जाये। तहसीलदार रमनदीप कौर ने बताया कि गांव खेड़ा गज्जू का मामला ध्यान में है। जल्द पटवारी को भेज कर बनती कार्यवाई अमल में लाई जायेगी।