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Patiala News: पंजाब में पराली जलाने के 79 मामले, अमृतसर और तरनतारन बने हॉटस्पॉट

Sun, 04 Oct 2026 06:19 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 06:19 PM IST
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79 cases of stubble burning in Punjab; Amritsar and Tarn Taran emerge as hotspots.
2025 की तुलना में इस साल करीब 17 फीसदी और 2024 की तुलना में करीब 58 फीसदी की कमी दर्ज
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में धान की कटाई के साथ पराली जलाने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। रविवार तक राज्य में पराली जलाने की 79 सक्रिय आग की घटनाएं दर्ज की गईं। अमृतसर और तरनतारन हॉटस्पॉट बने हुए हैं। हालांकि, बीते दो वर्षों की तुलना में इस साल अब तक पराली जलाने की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार 15 सितंबर से 4 अक्तूबर तक पंजाब में 79 सक्रिय आग की घटनाएं हुईं। इसी अवधि में 2025 में 95 और 2024 में 188 घटनाएं दर्ज हुई थीं। इस तरह 2025 की तुलना में करीब 17 फीसदी और 2024 के मुकाबले करीब 58 फीसदी कमी आई है।

प्रशासन ने खेतों में आग की घटनाओं पर कार्रवाई भी तेज कर दी है। तीन अक्तूबर तक 73 आग की घटनाएं रिपोर्ट हुईं। इनमें से 69 स्थानों पर 24 घंटे के भीतर सब-डिविजनल टीमों ने पहुंचकर जांच की। 44 स्थानों पर फसल जलाने की पुष्टि नहीं हुई, जबकि 23 मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाया गया।
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अमृतसर में सबसे ज्यादा मामले
जिलेवार आंकड़ों में अमृतसर सबसे आगे है। 15 सितंबर से 4 अक्तूबर तक यहां 46 सक्रिय आग की घटनाएं दर्ज हुईं। हालांकि, 2025 में इसी अवधि में 55 और 2024 में 94 मामले सामने आए थे। प्रशासन की कार्रवाई रिपोर्ट में तीन अक्तूबर तक अमृतसर में 44 घटनाएं दर्ज हैं। इनमें 40 स्थानों का 24 घंटे के भीतर निरीक्षण किया गया। नौ मामलों में 45 हजार रुपये पर्यावरण मुआवजा लगाया गया, जिसमें 25 हजार रुपये की वसूली हो चुकी है।
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तरनतारन में इस अवधि में 16 सक्रिय आग की घटनाएं दर्ज हुईं। 2025 में यहां 11 और 2024 में 26 मामले थे। प्रशासन की रिपोर्ट में तीन अक्तूबर तक 13 घटनाएं दर्ज हैं। सात मामलों में 35 हजार रुपये पर्यावरण मुआवजा लगाया गया, जिसमें 10 हजार रुपये वसूले जा चुके हैं। सात मामलों में खसरा गिरदावरी में रेड एंट्री भी की गई।

फिरोजपुर में पांच, पटियाला में दो मामले

फिरोजपुर में 15 सितंबर से 4 अक्तूबर तक पांच सक्रिय आग की घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि 2025 में एक और 2024 में 11 मामले थे। प्रशासन ने पांचों मामलों में कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया। चार मामलों में खसरा गिरदावरी में रेड एंट्री की गई।
पटियाला में इस अवधि में दो सक्रिय आग की घटनाएं दर्ज हुईं। 2025 में यहां 10 और 2024 में तीन मामले थे। कार्रवाई रिपोर्ट में तीन अक्तूबर तक एक मामला दर्ज है, जिसमें पांच हजार रुपये पर्यावरण मुआवजा लगाया गया।


1.15 लाख का मुआवजा, 45 हजार वसूले
राज्य स्तर पर तीन अक्तूबर तक 23 मामलों में कुल 1.15 लाख रुपये पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। इसमें से 45 हजार रुपये वसूले जा चुके हैं। 11 मामलों में खसरा गिरदावरी में रेड एंट्री की गई है। एक मामले में एफआईआर दर्ज हुई है, जबकि नोडल और सुपरवाइजरी अधिकारियों को 30 चेतावनी/कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। चार मामलों में मौके का निरीक्षण लंबित था। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इस साल पराली की आग बीते दो वर्षों की तुलना में फिलहाल कम है। हालांकि, धान कटाई का सीजन आगे बढ़ने के साथ घटनाओं में तेजी आने की आशंका है। ऐसे में अमृतसर और तरनतारन जैसे जिलों में लगातार निगरानी और कार्रवाई प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।
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