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Patiala News: विनेश फोगाट के समर्थन में उतरे किसान, केंद्र से मामले में जांच की मांग की
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शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन-2 के 177 दिन पूरे होने पर विशेष बैठक
नए बने कानूनों पर शुक्रवार को विशेष सम्मेलन किसान भवन चंडीगढ़ में कराने का एलान
देश के जाने-माने वकील इन कानूनों पर अपना पक्ष रखेंगे, कहा-फिलहाल बॉर्डरों पर डटे रहेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पेरिस ओलंपिक में मात्र 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण बाहर हुई पहलवान विनेश फोगाट के समर्थन में किसान जत्थेबंदियां भी उतर आई हैं। किसानों ने केंद्र सरकार से इस मामले में गहन जांच कराने की मांग की है, जिससे देश की शान फोगाट को न्याय मिल सके।
शंभू बाॅर्डर पर किसान आंदोलन के 177 दिन पूरे होने पर वीरवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इसमें किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने एक दुघर्टना में किसान नेता हरविंदर सिंह मसानिया के भतीजे उत्तमवीर सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया। साथ ही किसान संगठनों ने मोर्चे की व्यवस्थाओं पर चर्चा की और आने वाले मौसम को लेकर होने वाली दिक्कतों और इनके समाधान पर भी विचार-चर्चा की।
बैठक के दौरान 10 अगस्त को दोनों मंचों की ओर से चंडीगढ़ के किसान भवन में एक विशेष सम्मेलन कराने का एलान किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि इस सम्मेलन में मोदी सरकार द्वारा लाए गए 3 आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय शहीद अधिनियम 2023 को समझने के लिए सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया गया है।
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इस मौके पर देश के मशहूर वकील इन कानूनों पर अपना पक्ष रखेंगे। किसान नेताओं ने केंद्र से अपील की कि पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाली पहलवान विनेश फोगाट के समर्थन में आगे आएं और मामले की गहन जांच कराई जाए। किसान नेताओं ने कहा कि किसान की बेटी विनेश फोगाट ने जापान की विश्व और ओलंपिक चैंपियन को हराकर कुश्ती की दुनिया में भारत का नाम ऊंचा किया है और उन सभी को उस पर बहुत गर्व है।
इस मौके पर किसान नेताओं ने साफ किया कि बॉर्डरों पर फिलहाल आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा। जैसे ही बाॅर्डर खुलेंगे, तो शांतमयी ढंग से किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ दिल्ली कूच करेंगे। किसानों की प्रमुख मांग में एमएसपी की कानूनी गारंटी और संपूर्ण कर्जा माफी है। इन मांगों से कम पर किसान मानेंगे नहीं और पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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नए बने कानूनों पर शुक्रवार को विशेष सम्मेलन किसान भवन चंडीगढ़ में कराने का एलान
देश के जाने-माने वकील इन कानूनों पर अपना पक्ष रखेंगे, कहा-फिलहाल बॉर्डरों पर डटे रहेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पेरिस ओलंपिक में मात्र 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण बाहर हुई पहलवान विनेश फोगाट के समर्थन में किसान जत्थेबंदियां भी उतर आई हैं। किसानों ने केंद्र सरकार से इस मामले में गहन जांच कराने की मांग की है, जिससे देश की शान फोगाट को न्याय मिल सके।
शंभू बाॅर्डर पर किसान आंदोलन के 177 दिन पूरे होने पर वीरवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इसमें किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा ने एक दुघर्टना में किसान नेता हरविंदर सिंह मसानिया के भतीजे उत्तमवीर सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया। साथ ही किसान संगठनों ने मोर्चे की व्यवस्थाओं पर चर्चा की और आने वाले मौसम को लेकर होने वाली दिक्कतों और इनके समाधान पर भी विचार-चर्चा की।
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बैठक के दौरान 10 अगस्त को दोनों मंचों की ओर से चंडीगढ़ के किसान भवन में एक विशेष सम्मेलन कराने का एलान किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि इस सम्मेलन में मोदी सरकार द्वारा लाए गए 3 आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय शहीद अधिनियम 2023 को समझने के लिए सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के कानूनी विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया गया है।
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इस मौके पर देश के मशहूर वकील इन कानूनों पर अपना पक्ष रखेंगे। किसान नेताओं ने केंद्र से अपील की कि पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाली पहलवान विनेश फोगाट के समर्थन में आगे आएं और मामले की गहन जांच कराई जाए। किसान नेताओं ने कहा कि किसान की बेटी विनेश फोगाट ने जापान की विश्व और ओलंपिक चैंपियन को हराकर कुश्ती की दुनिया में भारत का नाम ऊंचा किया है और उन सभी को उस पर बहुत गर्व है।
इस मौके पर किसान नेताओं ने साफ किया कि बॉर्डरों पर फिलहाल आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा। जैसे ही बाॅर्डर खुलेंगे, तो शांतमयी ढंग से किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ दिल्ली कूच करेंगे। किसानों की प्रमुख मांग में एमएसपी की कानूनी गारंटी और संपूर्ण कर्जा माफी है। इन मांगों से कम पर किसान मानेंगे नहीं और पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।